जंगल में कार में हुई महबूबा से चुदाई

हाय दोस्तों, आज मैं जो आप सभी को कहानी सुनाने जा रहा हूँ  वो मेरी खुशकिस्मत से हुई एक घटना है. मेरे साथ सब कुछ अचानक से बिना किसी जान पहचान के हुआ और पहली ही मुलाकात में मेरी तो जैसे लाटरी ही लग गई बिना कुछ कहे हम बहुत अच्छे दोस्त बन गए. मेरा नाम अमरदीप गुप्ता है और मैं एक इंजीनियर हूँ | मैं मुंबई का रहने वाला हूँ और अभी एम.टेक. में एडमिशन का इंतज़ार कर रहा हूँ | मेरा रंग साफ है हाइट 5 फुट 10 इंच उम्र 21 साल है | मेरा लंड 6 इंच का है और चुदाई का मुझे बहुत शौक है इसलिए मैं हमेशा लडकियाँ पटाने में लगा रहता हूँ कभी कामियाब हो जाता हूँ तो कभी गांड पे लात पड़ जाती है |

ये किस्सा जो मैं सुनने जा रहा हूँ वो अभी कुछ दिन पहले का है जब मेरा गेट का पेपर था और वहाँ मुझे एक लड़की मिल गई और हमारी गल बन गई | ये बात है एक महीने पहले की जब मेरा गेट का पेपर था और अपने सेंटर जा रहा था | तभी एक लड़की ने मुझे हाँथ दिखाया और मैंने उसके पास जाके गाड़ी रोक दी और कहा जी मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूँ ?

उसने कहा मेरा गेट का पेपर है और मुझे जल्दी सेंटर पहुँचना है क्या आप मुझे छोड़ देंगे ? तो मैंने उससे कहा कहाँ है सेंटर ? तो उसने मुझे सेंटर बताया | इत्तेफ़ाक से मेरा भी सेंटर वहीँ था तो मैंने कहा चालिए लेकिन मैंने उसे ये नहीं बताया कि मैं भी वहीँ जा रहा हूँ | मैंने कॉलेज बाहर गाड़ी रोकी और वो थैंक यू बोलकर अन्दर चली गई | मैं उसके जाने तक वहीँ रुका और फिर मैंने अन्दर गाड़ी लगाई और उसको ढूंढने लगा लेकिन वो मुझे नहीं दिखी |

फिर जब मेरा पेपर हो गया तो पता नहीं कहाँ से आकर बोली तुम्हारा भी पेपर था गेट का ? तुमने बताया नहीं मुझे ? मैंने कहा तुमने पूछा ही नहीं | उसने क्यूट सा चेहरा बनाके कहा अच्छा जी अब आप सब कुछ सिर्फ पूछने से ही बताओगे | तो मैंने कहा हाँ तो उसने कहा अच्छा वैसे मेरा नाम आयेशा है | फिर हम दोनों वहीँ बैठे रहे और बातें करते रहे जैसे पेपर कैसा था और मैंने कितना पढ़ा था और उसने कितनी तैयारी की थी |

हमने लगभग एक घंटे तक वहां पर बैठ के बात की जिसमें से मैं सिर्फ 5 मिनिट ही बोल पाया हूँ बाकी पूरा समय वो ही पटर पटर करती रही | उसने मुझसे कहा अच्छा एक मदद और करदो ? तो मैंने कहा फिर से कहीं छोड़ना है क्या ? तो वो हँसने लगी और कहाँ हां प्लीज़ | तो मैंने कहा पहले तुम्हें अपना नंबर देना होगा तभी कुछ बात बन सकती है |

तो उसने कुछ सोचा और कहा अच्छा ठीक है लिखो, तो मैंने अपना मोबाइल निकाला और उसका नंबर सेव करके उसको मिस कॉल करके कहा मेरा भी सेव कर लेना बेबी | उसने कहा क्या कहा ? तो मैंने कहा कुछ नहीं चलो चलते है | फिर मैंने उसको उसके घर के पास तक छोडा और जाते जाते कहा मैंने मैसेज करूँगा, तो उसने कहा हाँ मैं रिप्लाई करुँगी | फिर मैंने शाम को उसको मैसेज किया और हमारी बातें शुरू हो गई |

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फिर हमारी बातें कुछ ज्यादा होने लग गई तो मैंने उसको प्रोपोस मार दिया और उसने कहा मैं सोच के बताउंगी | अगले दिन मैंने उससे कहा चलो पार्क में मिलते है जो भी बताना है वहीँ बता देना मतलब तुमने जो भी सोचा है | तो शाम को हम दोनों पार्क में मिले और एक कोने में हाँथ पकड़ के बैठे थे तो मैंने उससे पूछा कल जो मैंने तुमसे पूछा था वो सब भूल जाओ मैं सिर्फ एक बात पूछना चाहता हूँ ?

तो उसने कहा हाँ पूछो ?

तो मैंने कहा क्या तुम सच में मेरा हाँथ छोड़ना चाहती हो ? तो एक पल के लिए हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते रहे और फिर उसने अपनी नज़रें झुकाके मेरा हाँथ और कस के पकड़ लिया | बस मुझे मेरा जवाब मिल गया और मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा |

मैंने फ़ौरन उसको गले से लगा लिया और वो कहने लगी छोड़ो सब देख रहे है, तो मैंने कहा देखने दो और फिर उसको और कसके अपनी बाहों में जकड़ लिया | अब भाई तीन चार दिन तक बहुत प्यार भरी बातें चली और उसके बाद शुरू हुई गन्दी बातें | हम दोनों वीडियो कॉल पे एक दूसरे को लंड चूत दिखाया करते थे |

एक दिन मैंने उससे कहा मेरे पास एक कार है चलो कहीं घूमने चलते है ? तो उसने कहा कार तुम्हारे दोस्त की है क्या ? क्यूंकि तुम्हारे घर में कार तो है नहीं ? और इरादा क्या है ? तो मैंने कहा हाँ पूरा इरादा है | तो उसने कहा अगर मैं मना कर दूँ तो ? तो मैंने कहा मैं हिला हिला के मर जाऊंगा | तो उसने कहा नहीं नहीं मैं चलती हूँ | फिर उस दिन दोपहर मैं हम दोनों एक लम्बे रास्ते पे निकल गए जहाँ पे बिलकुल सुनसान रास्ता था वहां हमने गाड़ी रोकी | फिर मैंने अपनी पैंट खोली और लंड बाहर निकाल के कहा फिर मैंने अपनी पैंट खोली और लंड बाहर निकाल के कहा ये लो खेलो |

फिर उसने मेरा पकड़ा दबाया हिलाया और झुककर चूसना शुरू कर दिया | मैं तो सोच के आया था कि आज इसकी इतना चोदुंगा कि इसकी चूत का चबूतरा बना दूंगा इसलिए मैंने सेक्स की गोली भी खाली थी | वो थोड़ी देर तक मेरा लंड चूसती रही और कहा बस हो गया अब चले | तो मैंने कहा अभी तो पार्टी शुरू हुई है और उससे कहा चलो पीछे चलते है और हम पीछे वाली सीट पर पहुँच गए | हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर किस करने लगे और थोड़ी देर तक करते रहे | फिर मैंने अपनी पैंट उतारी और वो भी अपना टॉप और जीन्स उतारने लगी | फिर हम दोनों ने अपने पूरे कपड़े उतार दिए और लिपट गए और किस करने लगे | फिर मैंने उसको अपनी गोद में बिठाया और उसके दूध चूसने लगा और वो आमम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म करती रही और अपनी गांड से मेरा लंड दबाती रही |

फिर मैंने उसकी चूत में लंड डाला और उसको उचकने को कहा तो वो धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी, वो कार में ज्यादा जगह नहीं थी ना इसलिए | कार के सारे शीशे बंद थे और ए.सी. चालू इसलिए अन्दर का माहौल ज्यादा गरम नहीं था | तभी बाहर से किसी ने खटखटाया और मेरी गांड फट गई | मैंने देखा कि बाहर गाँव वाले तीन लोग खड़े थे | मैं पीछे से आगे वाली सीट पर गया और गाड़ी चालू करके भगा दी | मैं बिलकुल नंगा बैठ के गाड़ी चला रहा था अगर मैं वहां रुक जाता तो मेरी गांड टूटना तय था |

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जैसे तैसे हम थोड़ी आगे गए और वहां पर आस पास कोई नही दिख रहा था, तो मैंने सोचा चलो यहीं शुरू हो जाते है और पीछे उसको चोदने के लिए कूद पड़ा | वो मुझे देख कर थोडा डरी और कहा अरे फिर से कोई आ गया तो | मैंने कहा अब जो होगा देखा जाएगा | उसने भी कुछ नहीं कहा और मैं उसके पास पहुँच गया पीछे वाली सीट पर | हम दोनों एक दुसरे से चिपक गए और कार को पूरा अन्दर से लॉक कर लिया | फिर मैंने उसको किस किया और उसकी चूत रगड़ने लगा |

फिर मैं रुका और जोर जोर से उसकी चूत घिसने लगा और वो अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आआआअ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करती रही | फिर मैंने उसको पोजीशन में लिया और उसकी चूत पर लंड रगड़ने लगा और वो ह्ह्ह्ह करती रही | फिर मैंने उसकी चूत में लंड घुसा दिया और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा |अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अहह्ह्ह्हह्हा आआआअ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करती रही |

फिर मैंने उसको किस किया और कहा अब थोड़ा और झेलो और ऊपर होकर उसकी कमर से उसको पकड़ा और एक ज़ोरदार झटका मारा और उसकी जोर की चीख निकली आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह | फिर मैंने उसको जोर जोर के झटके मार कर उसको चोदना शुरू किया और वो मुझे मना करने लगी नहीं नहीं और मैं और ज़ोरदार झटके मारने लगा और उसको चोदता रहा और वो अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आआआआ अहह्ह्ह्हह्हा आआआअ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करते हुए करहाने लगी |

फिर मैंने उसे घुमा दिया और वो उल्टा लेट गई और मैंने पीछे से ऊसकी चूत मारना शुरू कर दिया और वो ज़ोर जोर से अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आआआआ अहह्ह्ह्हह्हा आआआअ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करती रही | फिर मेरा माल झड़ गया और जैसे ही वो पलटी उसकी आँखों से आंसू निकल रहे थे मुझे भी उसपर दया आ गई और लेकिन मुझे लगा मतलब मैंने जो आज चुदाई की है बहुत शानदार प्रदर्शन था मेरा, लड़की के आंसू निकालना थोड़ी कोई छोटी बात है | फिर वापस जाते सामय मैंने उसको बताया कि मैंने सेक्स की गोली खाई थी और उसके बाद हम घर चले गए |

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