मुख मैथुन के लिए के टिप्‍स, कैसे करें महिला साथी के साथ मुख मैथुन

दोस्तों मुख मैथुन के बारे में बहुत लोगों के जेहन में ढेर सारे सवाल होते हैं। मसलन क्‍या ऐसा करना सही होगा या फिर ऐसा करने से आपके स्‍वास्‍थ पर कोई बुरा असर तो नहीं पड़ेगा। लेकिन आपको बता दें काम शाष्‍त्र में भी मुख मैथुन का विधिवत वर्णन। शाष्‍त्र के अनुसार सेक्‍स के दौरान ऐसी स्थिती जिससे आपको ज्‍यादा उत्‍तेजना और बेहतरीन संतुष्‍टी प्राप्‍त हो उससे बेहतर तरीका और कोई नहीं हो सकता है।
जहां, तक महिलाओं की बात है तो, महिलाओं को मुख मैथुन बहुत ही पसंद होता है। ऐसा कई बार होता है कि महिलायें अपने साथी से खुलकर इस बारे में बता नहीं पाती है। लेकिन ऐसा कत्‍तई नहीं है कि वो इसे पसंद नहीं करती है। जी हां, अपने साथ के मनोभावों को जानना सबसे पहला काम होता है। यदि आपका साथी मुख मैथुन की इच्‍छा रखता है तो आप ऐसा करने में देर न करें और पूरे प्‍लेजर के साथ सेक्‍स लाईफ का आनंद उठायें।

जब आप अपने महिला साथी के योनि को अपनी जीभ और होठों से सहलाकर उत्तेजित करते हैं तो उसे मुख मैथुन करना कहते हैं। ऐसा करने से महिला बहुत ज्‍यादा यौन उत्तेजना महसूस करती है और वे चरम आनंद (आर्गैज़्म) महसूस कर सकती हैं। आज हम आपको अपने इस लेख में मुख मैथुन करने के तरीकों के बारें में बतायेंगे। सेक्‍स लाईफ को इंज्‍वॉय करना एक स्‍वस्‍थ जीवन का मुख्‍य बिंदू होता है

मुख मैथुन के लिए के टिप्‍स, कैसे करें महिला साथी के साथ मुख मैथुन :

  • मुख मैथुन के लिए बेहतर पोजीशन का होना बेहद जरूरी होता है। आपकी महिला साथी सीधे पीठ के बल लेटी हो और उसके पैर फैले व खुले हों। आप उनके पैरों के बीच लेट जायें ताकि आप उनके गुप्तांग के किसी भी हिस्से को आसानी से चूम, चाट और चूस सकें। यहां एक परेशानी गर्दन दर्द की हो सकती है, इसके लिए उसके नितंब के नीचे तकिया रख दें। इससे उसकी योनि ऊपर उठ जाएगी और एक बेहतर पोजीशन में आ जाएगी। यह पोजीशन भगशिश्न को चूमने और चाटने के लिये बेहतर होती है।
  • ठीक प्रकार से पोजिशन बनाने के बाद आप अपने साथी के अन्‍त: वस्‍त्र (पैंटी) को अपने दांतों में फंसा कर धीमें-धीमें नीचे की तरफ लेकर जायें। इस दौरान आपके उपर वाले होंठ उनके गुप्‍तांग पर रगड़ खाते हुए नीचें जायेंगे। इस समय आप एक बार उनकी आखों में देखना ना भूलें। पैंटी निकालने के बाद आप आसानी से बैठकर अपने जीभ को गुप्‍तांग के उपर सहलायें, और अपने उंगलियों के सहारे से गुप्‍तांग पर दबाव बनाये। यह बेहद ही शानदार पोजिशन होती है।
  •  इस पोजीशन के दौरान यहां एक परिवर्तन किया जा सकता है। आपकी साथी उसी तरीके से लेटी रहे, लेकिन आप घूम जाएं और आपका चेहरा पैरों की ओर हो जाए, अर्थात आप उनके उपर उसकी उल्टी दिशा में लेट जाए। इस अवस्था में आपका गुप्तांग उनके के चेहरे के उपर होंगा और वह आसानी से आपके लिंग को चूम और चूस सकती है। इससे दोनों मुख मैथुन का आनंद ले सकते हैं
  • यदि आपकी साथी नहीं चाहती तो आप थोड़ा सा अपने शरीर को घुमा सकतें है। जिससे आपका गुप्तांग महिला के चेहरे से दूर हो जाएंगा। इसके आद आप अपने शरीर को कोहनी का सहारा देकर अपने पार्टनर के भग और भग शिश्न को आसानी से चूम चुमना शुरू करें। लेकिन यहां यह सावधानी बरतनी पड़ेगी कि साथी के शरीर पर ज्यादा भार न पड़े। इस पोजीशन में आप अपने पार्टनर की जांघों तक पहुंच सकतें हैं। इस दौरान वह जांघों को फैला कर बाह्य भगोष्ठ को खोल सकता है।
  • इसी प्रक्रिया को आगे और बढ़ाया जा सकता है। इसमें महिला टांगे फैलाकर खड़ी हो जाए और पुरुष घुटनों के बल बैठकर उसके भग क्षेत्र पर अपने होंठों से दबाव डाल सकता है। कल्पनाशील युगल के लिये एक और बेहतर पोजीशन है। इसमें पुरुष अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाए और पैर मोड़कर घुटने ऊपर उठा ले। अब महिला घुटनों के बल पुरुष के चेहरे के ऊपर आ जाए। इस दौरान पैर काफी फैले हुए हों, उसका भग क्षेत्र पुरुष के मुंह के ठीक उपर हो। इस दौरान महिला की पीठ पुरुष के चेहरे की ओर हो। अब महिला घुटनों के बल सीधे लेट जाए। ऐसे में महिला का सिर पुरुष के घुटनों पर टिक जाएगा। इस अवस्था में महिला का भगक्षेत्र पूरी तरह से चौड़ाई में खुल जाता है. अब पुरुष चाहे तो वह अपनी जीभ महिला की योनि में प्रवेश करा सकता है
  • एक पोजीशन के रूप मे इसे भी आजमाया जा सकता है जब महिला अपने नितंब के बल बेड के एक किनारे लेटी हो, उसके पांव फर्श पर फैले हों। इस वक्त पुरुष उसकी जाघों के बीच अपने घुटनों के बल बैठ कर उसके गुप्तांगों का चुंबन आदि ले सकता है। इस दौरान जब महिला उत्तेजित हो जाए तो वह अपनी जांघों को खींच कर टांगे फैलाकर अपने तलवे पार्टनर के कंधे, पीठ पर रख सकती है। इस दौरान उसका भग क्षेत्र और खुल जाता है। यह पोजीशन उन महिलाओं के लिये सबसे बेहतर होती है जो यह चाहती हैं कि उनका पार्टनर उसकी योनि के अन्दर अपनी जीभ को प्रवेश कराए। यह पोजीशन महिला को टेबल पर लिटा कर भी की जा सकती है। इस पोजीशन में पुरुष ज्यादा आराम दायक स्थिति में रहता है क्योंकि इस दौरान उसे बहुत कम झुकना पड़ता है।
  • आप मुख मैथुन के लिये महिला को उपर करके भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिये पुरुष अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाए और महिला घुटनों के बल उसके सीने के ऊपर आ जाए और अपने गुप्तांगों को पुरुष के चेहरे के पास ले जाकर अवसर दे। इसमें महिलाओं को फायदा यह होता है कि वह मुख मैथुन की प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में रख सकती है साथ ही इस दौरान वह उसके लिंग के साथ भी खेल सकती है।

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  • ए के एम

    मित्रो
    गुरुजी ने बड़े विस्तार से योनि के मुख मैथुन के लाभ और विधि का विस्तृत वर्णन किया है।
    उस पर “ टिप्पणी “ करना मेरे बस की बात नहीं।
    मैं तो केवल इतना ही ‘जोड़’ सकता हूँ कि जैसे सम्भोग / मैथुन / चुदाई जीवन का अभिन्न अन्ग है , ठीक उसी प्रकार मुख मैथुन भी पारम्परिक मैथुन का अभिन्न अन्ग है।
    मैं व्यक्तिगत जीवन में चुम्बन, यौन अन्ग खिलवाड़ को फ़ोर प्ले अर्थात् पूर्व क्रीड़ा के रूप में लेता हूं, पारस्परिक दो-तरफ़ा मुख मैथुन (69) को मध्य चर्मोत्कर्ष , और लिन्ग-योनि मैथुन को मुख्य मैथुन के रूप में लेता हूं। और इसी का पालन भी करता हूं।
    मैंने पाया है मेरी इसी “योज्ञता” के कारण मेरी सखियाँ मुझसे यथा सम्भव “ ना “ नहीं बोलती हैं।
    याद दिला दूं कि मेरा लिन्ग अत्यन्त साधारण और औसत दर्जे का है लेकिन है “ करामाती “ !
    गुरुजी ने समझाया है कि मुख मैथुन से नारी अपने “चरम” बिन्दु पर आसानी से पहुँच जाती है। यह एक अकाट्य तथ्य है।
    और जितना अधिक बार नारी अपने मुख्य और्गेज़्म / चर्मोत्कर्ष पर पहुँचेगी उतनी ही अधिक वह आपकी अनुरागी बनेगी, अनुगामी बनेगी।
    तन से, मन से ।
    और आप बनेंगे एक मात्र उसकी सम्पूर्ण अनुकम्पा के पात्र ……
    सप्रेम
    योनि सेवक
    भगोष्ठपान अभिलाषी
    लिन्ग स्वामी
    ए के एम