रिश्तेदारी मे चुदाई करने का मौका नहीं छोड़ा

मेरा नाम रतन है मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 25 वर्ष है। मेरे माता-पिता भी अहमदाबाद में रहते हैं और हमें अहमदाबाद में रहते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं। मेरे पिताजी की परचून की दुकान है और वह उसे ही चलाते हैं। मेरी बहन अभी स्कूल में पढ़ रही है और मैं अपने कॉलेज के बाद से एक छोटी कंपनी में नौकरी कर रहा हूं लेकिन मैं अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं हूं इसलिए मैंने इस बारे में अपने माता पिता से कहा। वह कहने लगे कि यदि तुम कुछ काम करना चाहते हो तो तुम अपना काम खोल सकते हो, मेरे पिताजी ने मुझे कहा कि तुम्हे यदि पैसों की आवश्यकता है तो तुम मुझसे ले लो लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मैं अभी कुछ समय नौकरी करना चाहता हूं, उसके बाद मैं अपना काम खोलने के बारे में विचार करूंगा। एक दिन मेरे मामा का फोन मुझे आया और वह मुझसे पूछने लगे कि तुम क्या कर रहे हो, मैंने उन्हें बताया कि मैं यही एक कंपनी में नौकरी कर रहा हूं।

मेरे मामा पुने में रहते हैं और वह मुझे कहने लगे की तुम कुछ समय के लिए पुने आ जाओ तो मेरी बहुत बड़ी मदद हो जाएगी। मैंने अपने मामा से पूछा कि मेरे द्वारा आपकी क्या मदद हो जाएगी, वह कहने लगे कि तुम पुने आओ तो मैं तुम्हें सब कुछ बताता हूं। मैंने उन्हें कहा कि मैं नौकरी छोड़ कर कैसे आ सकता हूं, वह कहने लगे कि मैं तुम्हारे लिए यही कहीं नौकरी देख लूंगा। मैंने जब इस बारे में अपने घर पर बात की तो मेरे पिताजी कहने लगे कि तुम अचानक से जाने का क्यों प्लान बना रहे हो, मैंने उन्हें कहा कि मैं कुछ समय वही नौकरी करूंगा उसके बाद मैं अहमदाबाद आ जाऊंगा। उसके बाद मैं अब पुने चला गया और जब मैं पुने गया तो मैंने अपने मामा को फोन किया।

उसके बाद मैं उनके घर चला गया। जब मैं उनके घर गया तो मेरे मामा मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए और कहने लगे कि तुमने बहुत अच्छा किया जो तुम पुने आ गए। मैंने अपने मामा से पूछा कि ऐसी क्या बात हो गई जो आपने मुझे पुने बुला लिया, वह कहने लगे कि मुझे तुम्हारी मदद की जरूरत है।

मैंने अपने मामा से पूछा कि मैं आपकी किस प्रकार से मदद कर सकता हूं, वह कहने लगे कि एकता को नशे की बहुत आदत लग चुकी है और वह हमारी बिल्कुल भी बात नहीं सुनती। हम इस बात से बहुत परेशान है लेकिन हम यह बात किसी को भी नहीं बताना चाहते। तुम एकता के बहुत अच्छे दोस्त हो इसलिए हमने तुम्हें यह बात बताई। मैंने अपने मामा से पूछा कि यह सब कैसे हुआ, वह कहने लगे की एकता का एक लड़के से चक्कर चल रहा था, हमें वह लड़का बिल्कुल भी पसंद नहीं था और हम लोगों ने पहले ही एकता को मना कर दिया था परंतु वह बिल्कुल भी हमारी बात सुनने को तैयार नहीं थी और कह रही थी कि वह बहुत ही अच्छे घर का लड़का है लेकिन फिर भी मैंने एकता को मना किया परंतु उसने हमारी एक बात भी नहीं सुनी और जब एकता को लड़के की हकीकत पता चली तो उसके बाद वह बहुत टूट चुकी है, वह हम लोगों से अच्छे से भी बात नहीं करती।

मैंने और तुम्हारी मम्मी ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह हमारी बात बिल्कुल भी नहीं मानती और हम लोग बहुत ही परेशान हो चुके हैं इसीलिए मुझे लगा कि मुझे तुम्हें ही फोन करना चाहिए क्योंकि एकता तुमसे बहुत बात करती है और वह तुम्हारी बात भी मानती है इसी वजह से मुझे तुम्हारी मदद की आवश्यकता है। जब मैंने यह बात सुनी तो मुझे भी बहुत बुरा लगा और मैंने अपने मामा से पूछा कि एकता कहां है, वह कहने लगे कि वह तो रात को ही घर आती है। जब वह घर आती है तो बहुत नशे में होती है इसलिए वह हमसे बिल्कुल भी बात नहीं करती और अपने कमरे में जाकर सो जाती है। मैंने मामा से पूछा कि क्या वह अब आपसे बिल्कुल भी बात नहीं करती, वह कहने लगे कि वह अब हम दोनों से बिल्कुल भी बात नहीं करती, हम बहुत ज्यादा परेशान हैं। मैं घर पर ही था, मैं और मामा बात कर रहे थे।

वह बहुत ही परेशान थे, मुझसे भी उनकी परेशानी बिल्कुल देखी नहीं जा रही थी और मैंने भी उनसे कहा कि आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए, मैं एकता से इस बारे में बात करूंगा। हम लोगों ने खाना खा लिया था उसके बाद भी एकता नहीं आई। जब मैंने उसे फोन किया तो उसने मेरा फोन भी नहीं उठाया। काफी वक्त से मेरी उससे अच्छे से बात नहीं हो रही थी इसलिए मुझे इस बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी परंतु जब मुझे यह जानकारी हुई तो मुझे बहुत बुरा लगा।

रात के करीबन 12 बज चुके थे और हम सब लोग उसका इंतजार कर रहे थे। जब वह घर आई तो बहुत ही नशे की हालत में थी इसलिए हम लोगों ने उससे बात नहीं की और जब सुबह हुई तो मैंने उसकी स्थिति देखी, वह बहुत ही कमजोर हो गई थी और उसके चेहरे पर बिल्कुल भी मुस्कुराहट नहीं थी। जब उसने मुझसे पूछा की तुम कब आये, तो मैंने उसे कहा कि मैं कल ही आ गया था लेकिन तुम नशे की हालत में थी इसलिए मैंने तुमसे बात नहीं की। मैं अब एकता के पास ही बैठा हुआ था और एकता से जब मैं पूछने लगा तो वह मुझे कहने लगी कि मैंने उस लड़के पर बहुत ज्यादा भरोसा किया लेकिन उसने मेरे भरोसे को बहुत ठेस पहुंचाई और अब मैं बिल्कुल भी किसी से बात नहीं करना चाहती। मैंने उसे कहा कि इसमें मामा और मामी का कोई कसूर नहीं है जो तुम उन लोगों से बात नहीं कर रही हो। तुम्हें उन लोगों से बात करनी चाहिए, वह लोग तुम्हारे लिए बहुत ही चिंतित हैं। यदि तुम उनसे बात नहीं करोगी तो उन्हें अच्छा नहीं लगेगा।

मैंने उस दिन उसे बहुत समझाया लेकिन उसके बावजूद भी वह अपने पिताजी और अपनी मां से बात करने को तैयार नहीं थी। मेरे मामा ने उसे पहले ही बता दिया था कि वह लड़का अच्छा नहीं है इसीलिए वह उनसे एकता का रिश्ता नहीं करवाना चाहते थे लेकिन एकता ही उस वक्त उसके प्यार में अंधी थी इसीलिए वह इन चीजों को बिल्कुल नहीं समझ पा रही थी। जब एकता और मेरी बात हो रही थी तो मुझे लगा कि शायद वह मेरी बात मान जाएगी लेकिन वह मेरी बात बिलकुल भी नहीं मानी और उस दिन वह तैयार होकर घर से चली गई।

मैंने जब उसे फोन किया तो वह किसी पार्क में बैठी हुई थी और मैं भी वहां पर चला गया। वह बहुत ही नशे में थी और उसने बहुत ज्यादा शराब पी ली थी उसके बाद उसे बिल्कुल भी होश नहीं था। मैंने उसे कहा कि हम लोग घर चलते हैं लेकिन वह घर आने को तैयार नहीं थी। वह और भी ज्यादा शराब पी रही थी। जब मैंने उसे घर चलने की जिद की तो उसके बाद मैं उसे घर ले आया। वह अच्छे से चल भी नहीं पा रही थी। मैं उसे पकड़ पकड़ कर घर लेकर आ रहा था और जब मैं घर पहुंचा तो उसके बाद मैंने उसे उसके बिस्तर पर लेटा दिया। मैं उसके बगल में ही बैठा हुआ था और मैं उसे देखे जा रहा था। मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि एकता इतनी ज्यादा बदल जाएगी। मैं एकता के बगल में खड़ा होकर उसे देख रहा था वह लेटी हुई थी। वह लेटी हुई थी तो वह अपनी योनि में उंगली डालने लगी मैं उसके पास में खड़ा हो कर देख रहा था।

मैंने उसके हाथ को उसकी योनि से बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन वह अपनी उंगली को अपनी चूत मे डाल रही थी। मैं यह सब देखे जा रहा था मैंने जब उसकी जींस को खोला तो उसकी मुलायम चूत को देख कर मेरा मन खराब हो गया और उसकी योनि से पानी बाहर निकलने लगा था। उसकी योनि पूरी गीली हो गई और मैंने जैसे ही उसकी योनि पर अपनी जीभ को लगाया तो वह पूरे मूड में आ गई। वह पूरे मूड में थी और उसकी योनि से बहुत ज्यादा पानी बाहर की तरह निकल रहा था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ निकल रहा था मैंने भी उसकी योनि को बड़े अच्छे से चाटा वह पूरी मचलने लगी थी। मैंने जब उसे पूरा नंगा कर दिया तो उसके स्तन देख कर मेरा भी मूड खराब हो गया मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेने लगा। मैं बहुत ही अच्छे से उसके स्तनों का रसपान कर रहा था और मुझे बड़ा आनंद आ रहा था।

जब मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था तो वह भी उठ चुकी थी वह नशे की हालत में थी लेकिन उसे काफी मजा आने लगा। मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए एकता के मुंह में डाल दिया। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया वह बहुत अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी और मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग कर रही थी। उसने काफी देर तक ऐसा किया मैंने भी उसके दोनों पैरों को चौड़ा किया और जैसे ही मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी और उसकी योनि से खून भी निकलने लगा। मैंने उसे बड़ी तेजी से झटके मारे वह पूरे मूड में आ चुकी थी।

एकता को बड़ा मजा आ रहा था वह मुझे कह रही थी जब तुम मुझे चोद रहे हो। वह अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी और मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैंने काफी समय तक उसे ऐसे ही चोदा उसके बाद मैंने उसे अपने ऊपर लेटा दिया। जब वह मेरे ऊपर आई तो मैंने जैसे ही उसकी चूत मे अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी और मैं उसे बड़ी तेज झटके मार रहा था। जब उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा तो वह अपनी चूतडो को हिलाने पर लगी हुई थी मुझे बड़ा मजा आ रहा था।

मैं उसे बड़ी तेज तेज धक्के मार रहा था और वह अपने मुंह से आवाज निकाल रही थी। कुछ देर तक मैंने ऐसे ही उसे चोदा उसके बाद मैंने उसे अपने नीचे लेटा दिया और बड़ी तेज तेज में उसे धक्के देने लगा। उसके स्तन भी बड़ी तेजी से हिल रहे थे और मैं उनको अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। काफी समय तक मैंने ऐसा किया लेकिन जब एकता झड गई तो उसके बाद उसने अपने दोनों पैरों से मुझे जकड लिया और मैंने उसे बड़ी तेज धक्के मारे। कुछ समय बाद ही मेरा वीर्य पतन हो गया।

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