मेरी साली आंटी गालियाँ देकर चुद्वाती है

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रमेश है और मै मध्यप्रदेश का रहने वाला हूँ। दोस्तों में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसमें मैंने अपनी चाची को चोदा। मेरी चाची की उम्र करीब ३2 साल है और उनके फिगर का आकार 3८-30-36है, वो एकदम सुंदर और सेक्सी है और वो जब भी मटकती हुई चलती है तो उनकी चोली के अंदर से उनके बूब्स उछलते कूदते दिखाई देते है और अपनी बड़ी सी गांड को हिलाकर चलना उनकी एक आदत है।

उनकी गांड फुटबॉल की तरह बड़ी है और जब वो बैठती है तो साड़ी उनकी गांड की दरार में घुस जाती है और वो खड़ी होकर उसे बाहर निकालती है। यह सब नजारे देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता है। दोस्तों हम दोनों में बहुत प्यार है।

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वो मेरी आंटी है, लेकिन आंटी कभी कभी हंसी मज़ाक में मुझे गालियाँ भी देती रहती है तो में उनसे कहता हूँ कि आंटी में तुम्हारे बेटे जैसा हूँ आप मुझे इस तरह गालियाँ नहीं दे सकती। तो वो कहती है कि में तुम्हे कितने प्यार से गाली देती हूँ, इसमे बुरा क्या है?

मेरी मम्मी भी उनका साथ देती थी और अब मेरी तो आदत हो गयी थी उनकी गली सुनने की, लेकिन आजकल आंटी मुझे कहीं भी मिलती तो मुस्कुरा देती और गालियाँ भी दूसरी तरह से देती थी, जैसे कि उन्हे अगर मुझसे मदारचोद बोलना हैl

तो वो बस ‘माँ’ पर ज़्यादा ज़ोर लगाकर बोलती थी और इसका मतलब आंटी जी अब मुझ पर लाइन मार रही थी क्योंकि में उनके बूब्स और गांड को जब भी देखता तो वो मुझे और भी ज्यादा दिखाने की कोशिश किया करती थी और वो अपनी नजर को झुका देती और किसी भी काम में अपने आपको व्यस्त कर लेती, जिससे मुझे लगे कि आंटी व्यस्त है और अब में उनके बूब्स मज़े से देख सकता हूँ।

वो हमेशा मुझे अपनी और आकर्षित करने में लगी रहती और में भी मौके का फायदा उठाकर उनके कामुक जिस्म को देखता रहता हूँ। यह सब कुछ दिनों तक चलता रहा और फिर एक दिन हमारे एक रिश्तेदार के यहाँ पर शादी थी तो मम्मी और पापा शादी में चले गये और दोपहर का समय था तो मेरी दादी माँ भी उस समय कहीं बाहर गई हुई थी।

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उस समय में घर पर एकदम अकेला था, तो मैंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया और अपने कपड़े उतारे और पॉर्न फिल्म स्टार्ट कर दी और बहुत मज़े लेकर फिल्म देखने लगा। फिर करीब आधे घंटे के बाद एकदम से आंटी चिल्लाई दरवाजा खोलो और फिर मैंने जल्दी से अपने कपड़े पहने और दरवाजा खोला।

लेकिन मेरा तनकर खड़ा हुआ लंड कपड़ो के अंदर से भी साफ-साफ नजर आ रहा था जिसको देखकर चाची मन ही मन मुस्कुरा रही थी। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि चल बाहर चलकर खाना खा ले और फिर में चुपचाप नीचे सर को झुकाए बाहर चला गया और मेरे खाना खाने के बाद वो जबरदस्ती मेरा हाथ पकड़कर मुझे मेरे कमरे में ले गई। में 21 साल का था, लेकिन आंटी जी मुझसे ज़्यादा ताकतवर और उम्र में बड़ी भी थी। दोस्तों आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

आंटी : तू अंदर क्या कर रहा था?

में : वो में तो अपनी पढ़ाई कर रहा था।

आंटी : हाँ अभी मैंने कुछ देर पहले खिड़की से तेरी वो पढ़ाई देखी है जिसको तू बहुत मन लगाकर देख रहा था।

में : लेकिन आंटी जी इसमे ग़लत क्या है?

आंटी : हाँ वैसे इसमें ग़लत कुछ नहीं है और में भी कभी कभी मुठ मारती हूँ।

में : लेकिन आप यह सब क्यों करती है क्या अंकल आपको नहीं चोदते?

आंटी : तो मैंने अपने दो बच्चे कैसे पैदा कर दिए?

में : तो में अब क्या कर सकता हूँ।

आंटी : क्या तू अब मुझे भी वो सेक्स वीडियो दिखाएगा?

में : क्यों नहीं चलो आज हम दोनों एक साथ में देखकर मुठ मारते है।

आंटी : चल तो फिर ठीक है।

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  • ए के एम

    चुदाई के समय गाली-गलौच या अश्लील भाषा के प्रयोग का एक अलग मज़ा है।
    यह भी यह सच है कि किसे किस प्रकार की अश्लील भाषा पसन्द है, बोलने के लिये, या , सुनने के लिये, यह अलग बात है !
    अश्लील भाषा का प्रयोग चुदाई के आनन्द और जोश, दोनों को बढ़ाने में बहुत सहयोग करता है।
    यदि बारीकी से देखें तो हर चुदाई के समय हर मर्द-औरत किसी न किसी प्रकार की अश्लील भाषा या संकेतों का प्रयोग अवश्य करता / करती है, भले ही उनकी ( नर की / नारी की ) सामजिक / आर्थिक / शैक्षिक पृष्ठभूमि जो भी हो।
    सप्रेम
    सर्व योनि सेवा अभिलाषी
    ए के एम

    • awesome

      • ए के एम

        Thanks – A K M

  • nice story dear meri chut to gili ho gyi

  • SHARMA MADHU

    So Nice

  • paras

    DEAR NEWHINDISEXKHANI ADMIN,
    apke website par jo stories hain, unko PDF ke tarah kaise download kar sakte hain ?