प्यासी भौजी की दुकान में चुदाई की कहानी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सनी है और में आपके लिए अपनी एक और सच्ची कहानी लेकर आया हूँ. जब ये घटना घटी उस समय मेरी उम्र 20 साल थी और में जब 11वीं क्लास में पढ़ता था. हमारी गली के मोड़ पर एक स्टेशनरी शॉप हुआ करती थी. में वहाँ से सुबह के समय रोज़ कुछ ना कुछ खरीदता था जैसे पेन्सिल, कलर या फिर टोफ़ी चॉकलेट आदि. सुबह के समय दुकान भौजी संभालती थी और घर के नज़दीक होने के कारण वो मुझे अच्छी तरह से जानती थी. सुधा भौजी एक मजाकिया औरत थी. उनके तीनों बच्चे जवान थे और उनकी उम्र उस समय लगभग 45 साल होगी. पहाड़ी होने के कारण भौजी का रंग एकदम गोरा था और उनके बूब्स ना ज्यादा बड़े थे और ना बिल्कुल छोटे और उम्र के कारण उनका पेट भी बाहर निकला हुआ था. वो ज्यादातर साड़ी पहनती थी जिसमें उनकी उठी हुई गांड ज़बरदस्त लगती थी.

जब भी में उनकी दुकान पर जाता था और वो मेरे गाल खींचती थी और कहती थी कि क्या चाहिए? और कभी मेरी गांड पर चाटा मारती थी तो कभी मेरे गाल या होठों पर किस ले लेती थी क्योंकि में बहुत क्यूट था. एक दिन में जब उनकी दुकान पर पहुंचा तो वो सुबह-सुबह कोई किताब लिए बैठी थी. उस समय सुबह के 7 बज रहे थे. अब में उनके सामने खड़ा था, लेकिन उन्होंने मुझे देखा ही नहीं. फिर आज मुझे भी शरारत सूझी तो में चुपचाप दुकान के अंदर पहुँच गया, लेकिन भौजी ने मुझ पर ध्यान नहीं दिया, वो तो आँखे किताब में गढ़ाकर बस चुपचाप बैठी थी.

मुझे शरारत सूझी और सोचा आज भौजी को डराता हूँ. फिर में जैसे ही भौजी के पीछे से जाकर उन्हें डराने गया तो मेरी नज़र उस किताब पर पड़ी जो वो बड़े मन से पढ़ रही थी. मेरे तो होश उड़ गये, उस किताब में बड़ी-बड़ी नंगी चुदाई की तस्वीरे थी. मेरे जिस्म में कपकपी होने लगी. फिर में चुपचाप कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा और फिर ना ज़ाने क्यों मुझे मस्ती सी चढ़ने लगी? इतने में भौजी ने मुझे देख लिया और बोली ओह हो तो पीछे से दूरदर्शन हो रहे है. सुबह-सुबह होने के कारण ग्राहक बहुत ही कम होते है जो एक दो होते भी है वो भी मेरे जैसे छोटे बच्चे ही होते थे. अब में उनकी बात सुनकर शरमा गया और बोला भौजी गंदी बात मत करो और मुझे चॉकलेट दे दीजिए, मुझे स्कूल जाना है. वो बोली हाँ हाँ जितनी चाहे चॉकलेट ले ले, लेकिन मुझे भी चॉकलेट खिलानी होगी.

में उनके हाव भाव को समझ रहा था. अब मेरा भी छोटा सा 5 इंच का लंड पेंट के अन्दर से ही दिख रहा था, क्योंकि में उस समय अंडरवेयर नहीं पहनता था. फिर मैंने कहा नहीं में तो अपनी चॉकलेट नहीं दूँगा, मुझे लगा वो मेरी चॉकलेट में से हिस्सा माँग रही है. फिर वो हंस पड़ी और बोली पागल में तुझे ये वाली 10 चॉकलेट दूँगी, लेकिन तू मुझे अपनी एक चॉकलेट देगा तो. फिर में बड़ा परेशान हो गया.

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मैंने कहा मेरे पास कहाँ चॉकलेट है भौजी, तो उन्होंने मेरी पेंट पर हाथ रखा और मेरे खड़े लंड को सहलाकर सिसकी भरते हुए कहा ये वाली. फिर मैंने कहा कि छी ये तो गंदी चीज़ है, इससे तो में पेशाब करता हूँ. वो बोली बेटा ये बहुत काम का औजार होता है इसके बहुत सारे काम है. एक काम कर, तू बैग यहाँ रख और ये तीन चॉकलेट अपने बैग में रखकर पीछे वाले बाथरूम में जा, में वहीं आती हूँ.

फिर मैंने कहा कि नहीं मुझे स्कूल जाना है तो उन्होंने कहा कि अरे में तेरे बस 10 मिनट लूँगी और वैसे भी तुझे हर एक मिनट की मैंने एक चॉकलेट दे तो दी है, अब नखरे क्यों कर रहा है? फिर मैंने सोचा चलो 10 मिनट और सही. फिर में चुपचाप उसके बाथरूम में जाकर बैठ गया और पीछे-पीछे भौजी भी आ गई | आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | उनके हाथ में वही किताब थी और आते ही उन्होंने मेरी शर्ट और पेंट को उतार दिया. अब में शर्म के मारे पानी-पानी हो गया और अपने लंड को अपने हाथ से छुपा लिया. फिर सुधा भौजी ने अपनी साड़ी और सब कुछ उतार दिया. वो पागलों की तरह जल्दी-जल्दी अपने कपड़े उतार रही थी, मानों जैसे उन्हें बहुत गर्मी लग रही हो. अब में एक कोने में चुपचाप सहमा सा खड़ा था और मुझे बिल्कुल पता नहीं था कि आगे क्या होगा?

फिर भौजी ने अपने कपड़े उतार कर मेरा 5 इंच का लंड अपने हाथ में ले लिया. अब में पीछे होने लगा तो वो बोली कि डर मत बेटा, में तुझे खा थोड़ी जाऊँगी. बस तेरे लंड को टेस्ट करूँगी. फिर मैंने कहा कि भौजी ये बहुत गंदी है, तो उन्होंने वो किताब खोली और मुझे एक फोटो दिखाया और कहा कि देख ये भी तो यही कर रही है. अब जल्दी कर इतना टाईम नहीं है. फिर में चुप हो गया और उन्होंने मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी. अब मुझे अंदाज़ा भी नहीं था कि मुझे इतना मज़ा आयेगा.

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अब वो भूखी शेरनी की तरह घुटनों के बल बैठी मेरे लंड को चूस रही थी और मेरे आंड भी चाट रही थी और में किताब में छपे फोटो देख रहा था. अब मेरा छोटा सा 5 इंच का लंड बिल्कुल तना हुआ उनके मुँह में था. फिर मैंने एक फोटो देखा जिसमें लड़का औरत की चूत चाट रहा था. मैंने भौजी से कहा कि भौजी ऐसे करे, तो भौजी हंसकर बोली कि भोसड़ी के चूत चाटेगा. अभी तो बोल रहा था ये सब गंदा है तो में शरमा गया.

फिर उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह से निकाला और खड़ी हो गई. में पहली बार क़िसी नंगी औरत को अपने सामने देख रहा था. अब मैंने जो जो किताब में देखा में वैसे ही कर रहा था. फिर मैंने उनके बड़े-बड़े बूब्स को अपने हाथों में पकड़ लिया और उन्हें पीने लगा और उनके निप्पल को चूसने लगा. वो सीईईईई उूउउफफफफफ्फ़ आआआआ आआआ करने लगी.

मैंने पूछा कि भौजी क्या दर्द हो रहा है? तो वो बोली नहीं मेरे बच्चे में ये मज़े में कर रही हूँ, तू अपना काम जारी रख. फिर में उनका पेट चाटते हुए उनकी चूत तक पहुंचा और उनकी क्लीन शेव चूत पर अपनी जीभ रखी तो मुझे नमकीन टेस्ट लगा. शुरू में तो मुझे अजीब लगा, लेकिन फिर मुझे बहुत टेस्टी लगने लगा. फिर उन्होंने मुझे नीचे फर्श पर लेटा दिया और मेरे मुँह पर अपने बड़े-बड़े चूतड़ रख दिए. अब मेरा पूरा चेहरा उनकी गांड के नीचे था और अब वो अपनी गांड का छेद मेरे मुँह पर रगड़ने लगी और पागलों की तरह सिसकारियां लेने लगी |

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