पड़ोस वाली बहन की चुत मारी

ये बात 3 महीने पहले की है | मैंने पड़ोस वाली बहन की चुत मारी | जब मेरी पड़ोस वाली नैना बहन अपनी शादी के बाद पहली बार अपने घर पर आई थे मे उनसे मिलने उनके घर गया मे अंदर जा कर उनकी बाकी बहनो से बात कर रहा था की झट से किसी ने पीछे से आकर मेरे पेन्ट के अंदर हाथ डाल के लंड हिलाने लगा मे शॉक हो गया पीछे घुमा तो देखा की नैना बहन थी मे शरमा गया और आँखे नीचे कर ली क्योकी उनके घर मे आज से पहले कभी ऐसा हुआ नही था |

मैंने बहन को बोला ये क्या कर रहे हो बहन? तो वो बोली तू शरमा क्यो रहा है? तेरे कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या? अब रूम मे मे और बहन ही थे बाकी सब जा चुके थे.

मै बहन को मेरी तरफ खीच के उनके होठो को चूमने लगा (ये मेरा फर्स्ट टाइम था लेकिन ब्लू फिल्म देख कर मे सब सीख गया था) कुछ देर किस्सिंग के बाद मेरी इच्छा हुई की मे बहन का बूब्स देखूं और उनको चुसू मैंने उनका पल्लू गिरा दिया और ब्लाउज का हुक खोल कर ब्रा उपर उठा दिया पहली बार मैंने किसी औरत का बूब्स देखा तो मे पागल हो गया और बूब्स चूसने लगा और बहुत देर तक चूसा मेरा मन कर रहा था की चूस चूस कर बूब्स खाली कर दूँ |

मुझे मूठ मार के भी कभी ऐसा मजा नही आया था बहन अपनी आँखे बंद करके अपने होंठो को अपने दातों तले दबा के रख लिया मुझे डर भी लग रहा था की कोई हमें देख ना ले मे उठ गया और बहन को अपने घर आने को बोल दिया लेकिन मेरी प्यास अभी भी बुझी नही थी |

मे बड़ी बेसब्री से बहन का इंतजार कर रहा था लेकिन बहन उस दिन नही आई मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था दूसरे दिन बहन आई कुछ बातें करने के बाद मैंने उन्हे छत पर आने के लिये इशारा किया और मैंने उपर जाकर बेड ठीक कर लिया और बहन का इंतजार करने लगा कुछ देर बाद बहन आई और कहने लगी तुने मुझे यहा क्यों बुलाया? देख मेरे साथ कुछ शरारत मत करना मे बोला क्या बहन खड़े खड़े ही बातें करोगे या बेठोगी भी मे बहन के साथ साथ बेठ गया और बहन के बालो को पीछे कर लिया और उनके गले मे उंगली फेरने लगा फिर मैंने बहन का पल्लू हटा के ब्लाउज को ज़ोर से खीच दिया इससे उनकी बाहे निकल आई.

मे उनके गले से लेकर बाहों तक चूमने लगा बहन मस्त हुये जा रही थी और सिसकियाँ ले रही थे मे उनके बूब्स को ब्लाउज के उपर से दबा रहा था बूब्स का जो हिस्सा बाहर निकला हुआ था उसे चूम रहा था मैने बहन की तरफ देखा तो बहन आँखे बंद करके मज़े ले रही थी मे धीरे धीरे उनके पेट तक पहुँचा और धीरे धीरे किस कर रहा था |

झट से बहन ने मुझे अपने उपर से हटा कर खुद मेरे उपर आ गयी उन्होने मेरा टी-शर्ट उतार दिया और मुझे चूमने लगी बहन के नरम हाथो का स्पर्श मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उन्होने अपने सारे कपड़े निकाल दिये और मेरे कपड़े भी निकाल दिये मैंने बहन से पूछा बहन आप शादी से पहले तो इतना बोल्ड नही थी अब ये सब क्या हुआ कैसे हुआ? बहन बोली तेरे जीजा बुझे रोज़ एक बार चोदते है कभी बेडरूम मे कभी किचन मे कभी बाथरूम मे तेरे जीजा ने मुझे चुदक्कड बना दिया है.

अब बिना चुदे मे एक भी दिन मे रह नही सकती और कितना उंगली डालु बोर हो जाती हूँ और आज कल हर किसी से चुदवाने का मन करता है तेरे जीजा के दोस्त घर आते है उनमे से एक है राहुल बहुत सुन्दर लड़का है मेरे साथ बहुत गंदे गंदे मज़ाक करता है मुझे पहले शर्म आती थी लेकिन अब मे उसे खुल के जबाब देती हूँ उससे भी कभी चुदवाने का मन करता है |

अब मे उनके बूब्स चूस रहा था मे बहुत मन लगा कर बूब्स चूस रहा था बहन ने मुझे बूब्स से अलग किया और अपनी चूत की तरफ इशारा किया मे नीचे जाकर ज़ोर ज़ोर से उनकी चूत चूस रहा था कुछ देर चूसते ही बहन का पानी निकल आया मे हिचकिचाता हुआ उनका पानी पी गया अब मेरी बारी थी मैंने अपना लंड बहन के मुँह की तरफ किया बहन ने आसानी से उसे मुँह मे ले लिया वो बड़े प्यार से उसे चूस रही थी जैसे की वो ये प्रेक्टीस बहुत दिनो से कर रही है मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

ये बात 6 महीने पहले की है जब मेरी पड़ोस वाली नैना बहन अपनी शादी के बाद पहली बार अपने घर पर आई थे मे उनसे मिलने उनके घर गया मे अंदर जा कर उनकी बाकी बहनो से बात कर रहा था की झट से किसी ने पीछे से आकर मेरे पेन्ट के अंदर हाथ डाल के लंड हिलाने लगा मे शॉक हो गया पीछे घुमा तो देखा की नैना बहन थी |

मै शरमा गया और आँखे नीचे कर ली क्योकी उनके घर मे आज से पहले कभी ऐसा हुआ नही था मैंने बहन को बोला ये क्या कर रहे हो बहन? तो वो बोली तू शरमा क्यो रहा है? आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | तेरे कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या? अब रूम मे मे और बहन ही थे बाकी सब जा चुके थे.

मे बहन को मेरी तरफ खीच के उनके होठो को चूमने लगा(ये मेरा फर्स्ट टाइम था लेकिन ब्लू फिल्म देख कर मे सब सीख गया था) कुछ देर किस्सिंग के बाद मेरी इच्छा हुई की मे बहन का बूब्स देखूं और उनको चुसू मैंने उनका पल्लू गिरा दिया और ब्लाउज का हुक खोल कर ब्रा उपर उठा दिया पहली बार मैंने किसी औरत का बूब्स देखा तो मे पागल हो गया और बूब्स चूसने लगा और बहुत देर तक चूसा मेरा मन कर रहा था की चूस चूस कर बूब्स खाली कर दूँ मुझे मूठ मार के भी कभी ऐसा मजा नही आया था |

बहन अपनी आँखे बंद करके अपने होंठो को अपने दातों तले दबा के रख लिया मुझे डर भी लग रहा था की कोई हमें देख ना ले मे उठ गया और बहन को अपने घर आने को बोल दिया लेकिन मेरी प्यास अभी भी बुझी नही थी |

मे बड़ी बेसब्री से बहन का इंतजार कर रहा था लेकिन बहन उस दिन नही आई मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था दूसरे दिन बहन आई कुछ बातें करने के बाद मैंने उन्हे छत पर आने के लिये इशारा किया और मैंने उपर जाकर बेड ठीक कर लिया और बहन का इंतजार करने लगा कुछ देर बाद बहन आई और कहने लगी तुने मुझे यहा क्यों बुलाया?

देख मेरे साथ कुछ शरारत मत करना मे बोला क्या बहन खड़े खड़े ही बातें करोगे या बेठोगी भी मे बहन के साथ साथ बेठ गया और बहन के बालो को पीछे कर लिया और उनके गले मे उंगली फेरने लगा फिर मैंने बहन का पल्लू हटा के ब्लाउज को ज़ोर से खीच दिया इससे उनकी बाहे निकल आई.

मे उनके गले से लेकर बाहों तक चूमने लगा बहन मस्त हुये जा रही थी और सिसकियाँ ले रही थे मे उनके बूब्स को ब्लाउज के उपर से दबा रहा था बूब्स का जो हिस्सा बाहर निकला हुआ था उसे चूम रहा था मैने बहन की तरफ देखा तो बहन आँखे बंद करके मज़े ले रही थी मे धीरे धीरे उनके पेट तक पहुँचा और धीरे धीरे किस कर रहा था |

झट से बहन ने मुझे अपने उपर से हटा कर खुद मेरे उपर आ गयी उन्होने मेरा टी-शर्ट उतार दिया और मुझे चूमने लगी बहन के नरम हाथो का स्पर्श मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उन्होने अपने सारे कपड़े निकाल दिये और मेरे कपड़े भी निकाल दिये मैंने बहन से पूछा बहन आप शादी से पहले तो इतना बोल्ड नही थी अब ये सब क्या हुआ कैसे हुआ? बहन बोली तेरे जीजा बुझे रोज़ एक बार चोदते है कभी बेडरूम मे कभी किचन मे कभी बाथरूम मे तेरे जीजा ने मुझे चुदक्कड बना दिया है.

अब बिना चुदे मे एक भी दिन मे रह नही सकती और कितना उंगली डालु बोर हो जाती हूँ और आज कल हर किसी से चुदवाने का मन करता है तेरे जीजा के दोस्त घर आते है उनमे से एक है राहुल बहुत सुन्दर लड़का है मेरे साथ बहुत गंदे गंदे मज़ाक करता है मुझे पहले शर्म आती थी लेकिन अब मे उसे खुल के जबाब देती हूँ उससे भी कभी चुदवाने का मन करता है अब मे उनके बूब्स चूस रहा था मे बहुत मन लगा कर बूब्स चूस रहा था बहन ने मुझे बूब्स से अलग किया और अपनी चूत की तरफ इशारा किया मे नीचे जाकर ज़ोर ज़ोर से उनकी चूत चूस रहा था कुछ देर चूसते ही बहन का पानी निकल आया मे हिचकिचाता हुआ उनका पानी पी गया अब मेरी बारी थी मैंने अपना लंड बहन के मुँह की तरफ किया बहन ने आसानी से उसे मुँह मे ले लिया वो बड़े प्यार से उसे चूस रही थी जैसे की वो ये प्रेक्टीस बहुत दिनो से कर रही है मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

मैं एक दिन कॉलेज़ नहीं गया था और घर में ही पोर्न फिल्म देख रहा था। तभी अचानक डोर-बेल बजी।

मैंने सोचा कोई पड़ोसी होगा इसलिए मैं मूवी को पॉज़ करके डोर खोलने चला गया.. डोर खोला तो देखा कि मेरी मौसी की लड़की हमारे घर आई थी।

मौसी की लड़की की चूत की सील तोड़ी इस कहानी में मैंने आपको बताया था की मेरी मौसी की दो लड़कियाँ है जिनमें से बड़ी की शादी हो चुकी है.. और वो शादी के बाद पहली बार घूमने आई थी। जीजा जी को बाजार में कुछ काम था तो बहन मम्मी से मिलने आ गई।

वैसे बहन मुझसे भी खुल कर बात करती थी। शादी से पहले तो वो साधारण ही लगती थी.. पर आज तो वो कमाल की लग रही थी.. पीले रंग के सूट सलवार में वो एक मस्त माल लग रही थीं।

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बहन घर पर आई तो मैं बहुत खुश हुआ.. मैंने बहन को नमस्ते की.. बहन ने मुझसे पूछा- मौसी और सब लोग कहाँ हैं?
मैंने कहा- बहन.. घर में आज और कोई नहीं है। मम्मा-पापा बुआ के घर गए है..
तो बहन बोली- और क्या चल रहा है आजकल फिर..?
मैंने कहा- बहन कुछ नहीं.. बस इम्तिहान आने वाले हैं.. तो पढ़ रहा हूँ।

लेकिन बातों-बातों में मैं भूल गया कि अन्दर लैपटॉप पर पॉर्न मूवी चलती छोड़ आया हूँ।
जैसे ही बहन ने कमरे में प्रवेश किया और मेरा लैपटॉप देखा तो मैं डर गया..
बहन ने पूछा- तो ये पढ़ाई कर रहा है तू?

मैंने बहाना बनाया कि यह मेरी नहीं है मेरे दोस्त की है.. पढ़ाई कर के बोर हो रहा था.. तो सोचा की कोई मूवी देख लूँ.. पर मुझे नहीं पता था कि इसमें ये सब है।
बहन ने मुझे शक भरी नजरों से देखा और बोलीं- ज्यादा तेज मत बन..
फिर मैंने बात बदलते हुए कहा- बहन आप पानी पियोगी?

तो बहन ने बोला- हाँ.. पिला दे.. और ए.सी. की कूलिंग थोड़ा बढ़ा दे।

मैं रसोई से पानी ले कर आ गया और देखा कि.. बहन ने अपना दुपट्टा अलग रखा हुआ था और उनके मम्मे सूट से बाहर आते नजर आ रहे थे।
मैं बोला- बहन, पानी पी लो।
मेरे हाथ अभी भी काँप रहे थे और मैंने पूरा गिलास बहन के ऊपर ही गिरा दिया।
बहन गुस्से में बोली- यह तूने क्या किया?

मैं ‘सॉरी..सॉरी..’ करता रहा।
बहन बोली- चल कोई बात नहीं..

फिर उन्होने जीजू को फोन किया और कहा- मैं मौसी के साथ कहीं जा रही हूँ.. संचित मुझे शाम को छोड़ जाएगा..
इतना कह कर उन्होंने फोन काट दिया।
लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आया कि बहन के मन में क्या चल रहा था।

फिर अचानक बहन बोलीं- अब इधर आ..
उन्होंने अपने हाथ ऊपर करके कहा- मेरी कमीज ऊपर खींच।
मैंने कहा- बहन ये क्या बोल रही हो आप?
वो गुस्से से बोलीं- जल्दी कर.. जो कहा है..

मैं कांप रहा था.. मैंने बहन की कमीज को ऊपर खींच दिया और वो ब्रा में मेरे सामने आ गई थीं।
मैं निगाहें नीचे करके चोरी-चोरी से उनके मम्मे देख रहा था।

फिर उन्होंने मुझे अपनी सलवार का नाड़ा खोलने को कहा।
इस बार मैंने कुछ नहीं बोला और उनका नाड़ा खींच दिया.. और बहन के बोलने पर उनकी सलवार भी उतार दी।
अब वो केवल गुलाबी ब्रा और गुलाबी पैन्टी में मेरे सामने थीं।

मैं बहन का नंगा बदन देख पागल सा हो रहा था.. पर डर के मारे चुपचाप गर्दन नीचे करके खड़ा था।
तभी बहन बोली- खड़ा क्या है..? जा मेरे कपड़े सूखने के लिए डाल आ..

मैंने वैसे ही किया.. और जब वापिस आया तब भी बहन मेरे सामने वैसे ही बैठी थीं, वो बोलीं- कैसी लग रही हूँ मैं?
मैंने कहा- बहन क्या बोल रही हो आप??
बहन बोलीं- बता न.. कैसी लग रही हूँ..?
मेरा डर थोड़ा कम हुआ.. मैंने कहा- अच्छी लग रही हो।
बहन अपने दूध दबाते हुए बोलीं- कितनी अच्छी?
मैंने कहा- बहुत अच्छी.. बहन..

‘तेरी उन पोर्न एक्ट्रेस से भी ज्यादा अच्छी लग रही हूँ क्या मैं..?’
मैंने हिम्मत करके बोल दिया- हाँ बहन.. आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है |वो सब तो आपके सामने कुछ भी नहीं हैं..।
क्योंकि अब तक मैं उन्हें अपने जिस्म की कामुक नुमाइश करते देख कर समझ गया था कि बहन क्या चाहती थीं।

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बहन अपनी चूत खुजाते हुए बोलीं- तो मुझे प्यार नहीं करेगा?
इतना सुनते ही मैं उन पर टूट पड़ा.. मैंने अपने होंठ उनके होंठों पर टिका दिए और उन्हें चूसने लगा।
वो बोली- आराम से कर ना..
मैंने कहा- आप चुप रहो.. बस चुप..

मैंने उन्हें उल्टा लिटा दिया और चूसने चाटने लगा।,वो सिसकारियाँ भरने लगी थीं.. गर्म होने लगी थीं.. वो कामुक होकर ‘आह.. आह..’ कर रही थीं और कह रही थीं- आह.. आह.. मजा आ गया.. आराम से कर.. क्या कच्चा खा जाएगा मुझे तू..?

फिर मैंने उनकी ब्रा को खोला और मम्मे चूसने लगा.. वो पागल सी हो गईं।
मैं उन्हें चूसता रहा.. कई बार मैंने निप्पल पर काट भी दिया.. दर्द के मारे वो मेरे बाल नोंच रही थीं।
अब बारी बहन की फुद्दी के दीदार करने की थी.. मैंने उनके मम्मे चूसते-चूसते अपना एक हाथ उनकी पैन्टी में डाल दिया.. चूत पर एक भी बाल नहीं था.. एकदम मुलायम..और चिकनी चूत थी।

फिर मैंने उनकी पैन्टी निकाली और उनकी गुलाबी चूत को देखा तो मैं पागल हो गयाम, चूत गीली हो रही थी.. मैंने अपने होंठ उस पर रख दिए और पागलों की तरह चाटने लगा।

वो पागल सी हो गईं और मेरे कपड़े उतारने लगीं.. फिर अंडरवियर से मेरे लंड को निकाल कर चूसने लगीं।
मैं उनकी फुद्दी चाटता और कभी अपनी उंगली उनकी फुद्दी में घुसेड़ देता.. तो वो चीख पड़ती थीं।
अब वो बोलीं- अब नहीं रहा जाता.. कुछ कर.. डाल दे मेरे अन्दर अपना लंड संचू…

लेकिन मैंने पहले उन्हें मेरा लंड चूसने को बोला.. और उनके मुँह में लौड़ा घुसेड़ दिया।
थोड़ी देर चूसने के बाद वो फिर बोलीं- अब डाल दो.. भैनचोद.. क्यों तरसा रहे हो..??

मैंने उन्हें झट से बिस्तर पर पटका और उनकी टाँगें खोल दीं। अब अपना लंड मैंने उनकी फुद्दी पर लगाया और एक झटका मार कर अपना खड़ा लंड अन्दर डाल दिया और जोर-जोर से धक्के लगाने लगा।

वो ‘आह.. आह.. आह.. आह..’ कर रही थीं।
थोड़ी देर बाद बहन बोलीं- संचू.. मैं झड़ने वाली हूँ.. थोड़ा और तेज करो..
थोड़ी देर में बहन झड़ गईं.. पर अभी मैं झड़ने वाला नहीं था.. आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | तो मैंने अपना चुदाई का काम चालू रखा।

काफी देर के बाद मैं भी झड़ने वाला हो गया.. तो मैंने बहन से बोला- बहन मेरा छूटने वाला है। तो बहन कामुकता से बोलीं- संचू भैनचोद.. चूत में अन्दर ही माल डाल दे.. मैंने सारा पानी उनकी चूत में ही गिरा दिया।

फिर मैं वैसे ही बहन पर लेट गया। बहन बोली- संचू.. बड़ा मज़ा आया आज.

वो मेरे लंड को फिर से सहलाने लगीं.. थोड़ी ही देर में मेरा लंड फिर से अकड़ गया.. और मैं फिर से बहन की चुदाई करने को तैयार हो उठा था। बहन ने भी मेरा साथ दिया.. और अब की बार मैंने उन्हें घोड़ी बना कर उनकी फुद्दी मारी।

इस बार पहले से भी ज़्यादा मज़ा आया और बहन ने मेरा सारा माल अपने मुँह में डलवाया और बड़े मजे से स्वाद लेते हुए पूरा माल पी गईं।
उसके बाद मैंने बहन को अपने लंड के ऊपर बिठाया और उन्हें चोदा, मैंने उस दिन बहन को चार बार अलग-अलग तरीके से चोदा।

अब शाम हो गई थी.. बहन तैयार हुई और जाने लगीं.. तो मैंने एक बार फिर उन्हें चोदने के लिए बोला।
पहले बहन ने मना कर दिया.. पर मेरे बोलने पर मान गईं। अबकी बार मैंने सिर्फ़ उनकी सलवार और पैन्टी ही खोली थी।
इस बार की ठुकाई में भी बहन दो बार झड़ गईं और मैंने भी अपना सारा माल उनके मुँह में ही झाड़ा।

फिर उन्होने अपने कपड़े पहने और हमने 10 मिनट तक एक-दूसरे को चूमा।
उसके बाद बहन चली गईं..

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  • ए के एम

    इतने सालों से कहानियाँ पढ़ रहा हूँ लेकिन आज तक एक बात समझ नही आयी … … लेखक ”चुत” लिख सकता है लेकिन ”चूत” नहीं … भला क्यूँ … ए के एम

    • RAJ- Privcy Safty Satisfactn

      kaash us ne real chut pe dhyaan n dete hue “choot”kese likhte he, us pe dhyaan diya hota… padhaai ke dauraan

  • ए के एम

    पड़ोस की बहन
    ऐसी बहन की चूत
    और चूत “मारी” …
    बहुत-बहुत परोपकारी और तर्क सन्गत महाकार्य किया गया
    ऐसी चूत “चोदी” नहीं जानी चाहिये
    ऐसी चूत “मारी” जानी चाहिये
    जिन्हें चूत चोदने और चूत मारने का यह दर्शन / फ़लसफ़ा समझ ना आया हो तो वो कोशिश भी न करें क्यूंकि ऐसे लोगों को लण्ड-चूत के आपसी सम्बन्धो की कोई समझ नहीं है
    सप्रेम
    महाचोदू
    महा मुट्ठमारू
    ए के एम