मम्मी के हाथ में मेरा मोटा लंड

दोस्तों अब मैं २१ साल का हूँ और अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा हूँ पुणे में अपने परिवार से दूर। पता नहीं वो सब कैसे क्या हुआ सब एक सेक्स कहानी की तरह लगता है पर ये कोई कहानी नहीं बल्कि सच्ची घटना है जो मैं मस्ताराम डॉट नेट के मध्यम से आपके सामने रख रहा हूँ।

बात उस वक्त की है जब मैं 20 साल का था। एक दिन हम किसी बर्थडे पार्टी में जा रहे थे, मेरी मम्मी को तैयार होने में काफी वक्त लगता था इसलिए पापा हमेशा ही गुस्सा हुआ करते थे, उस दिन पापा गुस्से में अकेले ही चले गए, मम्मी आज बहुत ही खूबसूरत लग रही थी.

मम्मी ने सिल्क की साडी पहनी थी और बाल स्टेप कट किए हुए थे, होंटो पे ब्राउन लिपस्टिक, और क्या कहूँ ऐसा लग रहा था जैसे मानो वो किसी मूवी की एक्ट्रेस हो. बस वो थोडी मोटी थी बाकी फिगुर तो ३६ -३० -३६ है।

ड्रेसिंग रूम से आवाज़ आई बेटे ज़रा इधर तो आना, मै रूम में गया तो मम्मी आइने के सामने खड़ी हाथ पीछे कर के ब्रा का हूक लगा रही थी, मुझसे कहा ये हूक तो लगा दे, मैंने हूक लगाया तब पहली बार मैंने मेरी मम्मी को ब्रा में देखा था. आइने में मम्मी के ३६ साइज़ के बूब्स साफ़ दिखाई दे रहे थे .फिर मैं और मम्मी दोनों पार्टी के लिए निकल पड़े.

इस वक्त मुझे कुछ समझ में नहीं आता था पर ये जान चुका था कि मेरी मम्मी बहुत सेक्सी है. तबसे मैं कभी कभी मम्मी की ब्रा और पैंटी पहन कर देखता था.२ -३ सालों बाद पापा का प्रमोशन हो गया. अब पापा हमेशा ऑफिस के काम से वीकली बाहर गांव जाते थे, तब घर में हम ४ लोग होते थे छोटा भाई, बहन, मैं (सबसे बड़ा) और हमारी खूबसूरत मम्मी जिसे सजना — संवरना काफी पसंद था और कुछ हद तक बेशरम भी थी.

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जब भी घर में कोई नहीं होता तब मम्मी हमेशा सिर्फ़ ब्रा और निक्कर में ही बाथरूम से बाहर आती और अपनी साड़ी पहनती. मम्मी की उमर 38 साल होते हुए भी वो बहुत ही नशीली लगती थी, मैंने कई बार मम्मी को ब्रा और पैंटी में देखा था कपड़े पहनते हुए, कई बार तो नहाते हुए भी देखा था पर छुप छुप के, जब भी दरवाजा खुला छोड़ नहाती थी. तब मेरी हालत कैसी होती होगी आप महसूस कर सकते हो.

वो गर्मी के दिन थे. घर में कूलर था पर बिजली कभी भी जाती थी आती थी रात को कभी कभी तो १ -२ घंटे आती ही नहीं थी. उस रात से तो मेरी जिंदगी ही बदल गई। उस रात मैं और मेरी मम्मी पास में ही सोये हुए थे भाई और बहन बाजू में थे। रात के करीब ११ बजे बिजली चली गई मेरी भी नींद खुल गई। मैंने देखा की मम्मी मोमबत्ती लगा रही है मुझे नींद नहीं आ रही थी गर्मी भी काफी हो रही थी.

थोडी ही देर में देखा तो मम्मी अपना ब्लाउज उतार रही है, मम्मी ने काली ब्रा पहनी थी इसलिए उन्हें ज्यादा गर्मी लग रही थी, ब्रा भी जालीदार थी इसलिए उनके नीपल साफ नजर आ रहे थे. ब्रा के ऊपर से उनके बड़े बड़े बूब्स आधे से भी ज्यादा नजर आ रहे थे.

मै तो देखता ही रह गया.

वैसे तो मैंने कई बार मम्मी को इस हालत में देखा था, पर आज करीब से देखने का मौका मिला था. मैंने कभी सोच भी नही था कि मेरी मम्मी इतनी खूबसूरत है. अब मै काफी समझदार हो गया था। मम्मी ने फिर अपने बालों को उपर करके बाँध दिया। तब मैंने मम्मी की ब्रा के हूक को देखा लगा कि खोल दूँ इसे। थोडी ही देर में बिजली आ गई और कूलर शुरू हो गया। मम्मी बिना ब्लाउज के ही सो गई.

मुझे नींद नहीं आ रही थी मैं सोच रहा था कि काश मुझे आज रात को मम्मी को चोदने का मौका मिलता!!!!!!!!

पर किस्मत ने साथ नहीं दिया …आप ये कहानी गुरुमस्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

कब सुबह हुई पता ही नहीं चला. अब मैं हमेशा मम्मी को चोदने की नज़र से ही देखता रहता। आज मैं स्कूल नहीं गया था. मम्मी जैसे ही नहाने गई मैं चेंजिंग रूम जाकर सोने का नाटक करने लगा. मम्मी आई आज वो सिर्फ़ तौलिया ही ओढे थी फिर उन्होंने वो भी हटा दिया मम्मी सिर्फ़ ब्रा और पैंटी ही पहने थी, मम्मी की जांघें बहुत ही चिकनी और गोरी थी और पैंटी से उनकी गांड उभर कर आई थी और ब्रा के अंदर से बड़े बड़े और काले निप्पल के बूब्स तो मानो बाहर निकलने को बेकरार थे .. मैं मम्मी की खूबसूरती देखते ही झड़ गया

फिर मम्मी आईने में अपनी बगलों के बालों को निहार रही थी. मम्मी ने पापा का रेजर निकला और बालों को निकालना शुरू किया. मैं सोच रहा था काश मेरी शादी मेरी मम्मी से हुई होती …….!!!!

आज फिर रात हो हो गई .. सोचा आज तो किस्मत साथ दे दे। मैं सेक्स में ये भी भूल गया था कि वो मेरी मम्मी है। हम सोने की तय्यारी कर रहे थे . भाई बहन सो चुके थे, पापा भी घर में नहीं थे. मम्मी ने मेरे सामने ही अपना ब्लाउज उतारा और अपनी पीठ खुजाने लगी. मम्मी ने आज सफेद ब्रा पहनी थी, धीमी रोशनी की वजह से मम्मी और भी सेक्सी लग रही थी, मैंने कहा क्या हुआ?

मम्मी बोली — कुछ नहीं! खुजली हो रही है जरा गर्मी का पाउडर तो ले आ!

मैं पाउडर लाया. मम्मी ने कहा अब लगा भी दे. मै मम्मी के पीठ पर पाउडर लगाने लगा पर ब्रा का बेल्ट उँगलियों में फँस जाता था. मम्मी ने कहा जरा बगल में भी लगा दे मम्मी ने हाथ उपर उठाया मैंने देखा कि आज सुबह जो मम्मी ने बाल निकाले थे वो जगह काफी चिकनी हो चुकी थी मैंने कहा ये हूक निकाल दूँ तो मम्मी बोली क्यों?

मैंने कहा ताकि पूरी पीठ को पाउडर लगा सकूँ. मम्मी ने कहा ठीक है पर पूरी ब्रा मत निकालना. फिर मैंने मम्मी की ब्रा का हूक खोला। मम्मी की चिकनी पीठ काफी सुंदर लग रही थी. मैं कभी कभी अपना हाथ आगे की और भी ले जा रहा था जिससे मै मम्मी के बूब्स को टच कर सकूँ. फिर मम्मी ने ख़ुद ही अपनी ब्रा उतार दी और कहा जरा इधर भी पाउडर लगा दे .मैं मम्मी के बूब्स सहलाने लगा. मम्मी के बूब्स काफी बड़े और नरम थे, मम्मी के बूब्स इतने टाइट थे कि ब्रा की जरुरत नहीं थी।

मैं मम्मी के नीपल को दबाने लगा तभी मम्मी ने कहा क्या करते हो .. मम्मी की धड़कने बढ़ रही थी .. फिर मम्मी ने कहा तेरा भाई उठ जाएगा .. हम चेंजिंग रूम में चलते हैं। मम्मी के बूब्स चलते हुए हिल रहे थे। फिर मैंने कहा अब तुम मुझे पाउडर लगा दो. मम्मी ने कहा क्यों तुझे भी खुजली हो रही है? मैंने कहा हाँ. मम्मी ने कहा ठीक है. मैं शर्ट और बनियान निकाल बेड पर लेट गया. मम्मी मेरे पीठ पर पाउडर लगा रही थी।

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अब मम्मी ने मुझे पलट जाने को कहा ताकि वो मेरे सीने पर भी पाउडर लगा सके मै अब पीठ के बल लेट गया और मम्मी मेरे बाजु में थी मम्मी जब मुझे पाउडर लगाती मै उनके बूब्स की और देखता था। वो बहुत ही रसीले लग रहे थे मैं बड़ी हिम्मत से मम्मी के बूब्स को हाथ लगाया मम्मी ने कुछ नहीं कहा फिर मैंने उन्हें दबाना शुरू किया, मै उन्हें धीरे धीरे दबा रहा था।

मम्मी ने कहा जरा देख तो लो तेरे भाई बहन सोये कि नहीं?

मै देख आया दोनों सोये हुए थे .. मम्मी को बताया।

मम्मी ने कहा हम इधर ही सो जाते हैं ..

मैं भी मान गया मम्मी ने अपनी साड़ी उतारनी शुरू की। मैंने कहा साड़ी क्यों निकाल रही हो , तब मम्मी ने कहा आज मै तेरे साथ रात गुजारना चाहती हूँ और मम्मी ने अपनी साड़ी उतार दी अब वो सिर्फ़ पैंटी में थी, मम्मी की चूत के बाल जालीदार पैंटी से साफ नज़र आ रहे थे. आप ये कहानी गुरुमस्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

क्यों आज क्या तू पहली बार मुझे नंगी देख रहा है ..मैंने कहा मैं कुछ समझा नहीं.

मुझे सब पता है तू रोज़ मुझे नंगी देखता है जब मैं नहा कर आती हूँ, क्यों सच है न???????

मैं एकदम ही डर गया, डर मत मम्मी ने कहा देख मैं ये बात तेरे पापा को नहीं बताउंगी पर एक शर्त है.

मैंने कहा कौन सी शर्त? मम्मी ने कहा तुझे मेरे साथ नंगा सोना पड़ेगा.आप ये कहानी गुरुमस्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

मैं डर के मारे तैयार हो गया ..मैंने अपने कपड़े उतार दिए। फिर हम दोनों बेड पर आ गए. मम्मी सिर्फ़ अपनी पैंटी में ही थी और मै अंडरवियर में. मम्मी मुझसे लिपट गई और चूमने लगी, मैंने कहा ये सब ठीक नहीं और बेड से उठ गया ..

तब मम्मी ने गुस्से में कहा जो तू करता है क्या वो ठीक है अपनी मम्मी को नहाते हुए देखता है!

मम्मी ने मुझे समझाया बेटे ये कोई ग़लत बात नहीं है ..तू भी अब जवान हो गया है और मेरी भी कुछ इच्छाएं हैं जो तेरे पापा समय की वजह पूरी नहीं कर सकते, तब तू मेरी इच्छाएं पूरी करे तो इसमे ग़लत क्या है? आह्किर मै तेरी मम्मी हूँ .. और बेटा ही मम्मी को समझ सकता है ..

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मैंने कहा अगर पापा को पता चला तो ……..मम्मी बोली यह बात हम दोनों के बीच ही रहेगी …..टॉप सीक्रेट ….और जब कि तूने मेरे बूब्स को दबाया और सहला भी दिया है तो फ़िर अब चोदने में क्यों घबराते हो? बात सिर्फ़ आज रात की तो है ..

तब मैं मान गया , आख़िर मैं भी तो यही चाहता था. मम्मी ने कहा चलो बेटे आज हम सुहागरात मानते हैं , आज की रात तुम ही मेरे पति हो ..

फिर मम्मी ने मुझे अपनी बाँहों में कस के पकड़ लिया और मुझे चूमने लगी मैंने भी मम्मी को चूमना शुरू किया, मम्मी मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से सहला रही थी, मैं भी मम्मी की चूत को पैंटी के ऊपर से सहला रहा था। फिर मम्मी ने मेरी अंडरवियर उतार दी और मेरे लौडे को हाथ से सहलाने लगी ताकि वो और बड़ा और टाइट हो जाए।

फिर मम्मी ने अपनी कच्छी उतारी और मेरे लौडे को अपनी चूत में डाल दिया अब हमने खड़े खड़े ही चोदना शुरू कर दिया था। मैंने अपना दायां पैर बेड पर रखा और जोरों से धक्के दे रहा था ..मम्मी के मुंह से आह ..!! आह ..!! आह ..!! आवाज़ निकाल रही थी ..मम्मी ने भी मुझे जोरों से अपनी बाहों में पकड रखा था।

फिर हम बेड पर आ गए और मै मम्मी के नीपल को मुंह में लिए चूस रहा था, मम्मी एक हाथ से मेरे लौडे को सहला रही थी। फिर मैंने मम्मी को बेड पर पीठ के बल लेटाया और मम्मी की चूत को चूमने लगा। मम्मी सेक्स के मारे पागल हो रही थी, फिर मम्मी ने मेरे लौडे को चूमना शुरू किया,वो उसे मुंह में ले रही थी।

फिर मम्मी ने मेरा लौड़ा अपने हाथों से अपनी चूत में डाला और कहा- ले अब छोड़ अंदर तक ले जा ….. मम्मी ने अह्ह्ह …… भरी, कहा ऐसे ही करते रह, मै भी मम्मी की जांघों को पकड़ पकड़ कर चोदता रहा …..

बहुत अच्छा लग रहा था. मेरा गिरने ही वाला था मम्मी ने कहा अंदर मत गिरा फिर मम्मी ने मुझे बेड से दूर कर के नीचे गिराने को कहा।

हमने फ़िर एक दूसरे को चूमना शुरू किया और उत्तेजित हो गए। मां बिस्तर पर लेट गई और मुझे कहा कि मेरी गाण्ड में लौड़ा डाल दे। मैंने मां की गाण्ड मारना शुरू किया। फ़िर हम सीधे हो कर एक दूसरे को चोदते रहे। रात भर हम सब कुछ भूल कर बस चोदते ही रहे। मां को कई तरह से चुदवाना आता था। उन्होंने मुझसे १०-१२ अलग अलग तरीकों से चुदवाया। मां का बदन काफ़ि नरम और खूशबूदार था। मैंने मां को पूरी तरह से सन्तुष्ट कर दिया।

इस बीच मैं दो बार झड़ गया। रात के तीन बजे हम कपड़े पहन कर सोने चले गए। मां खुश लग रही थी। सुबह जब मैं नाश्ते के किए बैठा तब मेरी मां से बात करने की हिम्मत नहीं हो रही थी. आप ये कहानी गुरुमस्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

मां ने कहा- क्या हुआ? मैंने कहा है ना तुमसे कि यह बात सिर्फ़ हम दोनो के बीच रहेगी। और फ़िर भी तुम्हें शरम आती है तो मुझे अपनी वाईफ़ समझ सकते हो, वैसे भी हम सुहागरात तो मना ही चुके हैं. मां ने हंसते हुए मेरे होंठो को चूमा। मैं भी मां को अपनी बाहों में लेकर चूमता रहा।

फ़िर उस दिन से जब भी हमारा मूड होता और पापा घर में नहीं होते, हर रात हम सुहागरात मनाते रहे। कभी कभी तो दिन में भी बिना कपड़ों के साथ रहते। एक दिन तो मैंने मां के नीचे वाले बालों की शेव कर दि थी और मां ने मेरी। अब चुदाई में बहुत मज़ा आता था। कभी कभी हम ब्लू फ़िल्म देख कर वैसे ही चुदाई करते थे।

मैं अब मां को नाम से पुकारता था। अब हम ऐसे रहते थे जैसे कि मानो हम सच में पति-पत्नी हों। ड्रेसिंग रूम को ही हमने अपना बेड-रूम बना लिया था। भाई और बहन दूसरे कमरे में सोते थे और हम पूरी रात बिना कपड़ों के साथ में सोते थे। मां को अभी भी मेक-अप का शौंक था। वो मेरे लिए ही अब सजती संवरती थी। मैं कभी कभी स्कूल नहीं जाता और पूरा दिन मां के साथ चुदाई करता। जब भी मैं मां को किसी शादी, पार्टी में ले जाता तो लोग भी हमें पति-पत्नी समझते थे।

एक दो बार तो पापा घर में होते हुए भी मैंने मां को चोदा। मां तब नहा रही थी और पापा टी वी देख रहे थे। मैंने बाथरूम के पास जाकर मां को आवाज़ दी, मां ने कहा — अभी नहीं, अभी तेरे पापा घर में हैं, जब मैं नहीं माना तो मां ने मुझे बाथरूम में बुला लिया और हमने चुदाई कर ली।

बहन ने एक दिन पापा को बताया कि मां हमारे साथ नहीं सोती, भैया के साथ सोती है तब मां ने गुस्से से कहा- कुछ भी कहती है नालायक, तेरे भैया को पढाते हुए कभी कभी नींद आ जाती है तब वहीं सो जाती हूं। पापा ने कुछ नहीं कहा क्योंकि पापा तो हमारे इस रिश्ते से बिल्कुल ही अनजान थे ना…॥

~~~ समाप्त ~~~

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  • ए के एम

    lovely hot story – A K M

  • anup

    achhi lagi kahani .chahe jhuthi hi kyo na ho lekin garam lugi .kisi ko esa moka mile to kubhi bhi chhodna nuhi . fadke rukh dena us bhosdi ko apne lode se ..apne ghur ki chut ka hubby anup

  • nice story