मस्त माल के साथ रात भर सेक्स

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मेरा नाम शुभम है। मैं नोयडा में रहता हूँ और मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से हूँ। मेरा कद 5’9” है, गोरा-चिट्टा रंग है। सभी लोग मेरी आँखों और मुस्कान की प्रशंसा करते हैं।

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। बात उस समय की है जब मैं स्नातक के दूसरे साल में पढ़ता था। एक दिन मेरे दोस्तों ने बाहर घूमने का प्लान बनाया और हम सभी घूमने निकल गए, तभी मेरे दोस्त को एक फोन आया कि शहर में एक मस्त रंडी आई हुई है.. साली बहुत मस्त माल है… अगर इसकी लेनी हो तो मुझे बता देना।

दोस्त ने पूछा- भाई किसी को चाहिए मस्त माल??

अब आपको तो मर्दो की कमज़ोरी पता ही है… चोदने को कौन मना कर सकता है…

हम घूमना छोड़ कर सीधे उस दलाल के पास गए.. हम लोगों ने लड़की देखी और वो देखते ही हमको पसंद आ गई..

सच बता रहा हूँ कि क्या तराशा हुआ जिस्म था उसका.. 34-28-34.. आज भी उसके साथ बिताई हुई रात भुलाए नहीं भूलती।

हम लोग उसको लेकर दोस्त के घर पर पहुँचे.. जहाँ उसके मम्मी-पापा अपने गाँव गए हुए थे।

अब सारी रात हम लोगों के पास थी।

मैंने भी घर पर फोन करके बोल दिया- पापा जी.. आज मेरे एक दोस्त का जन्मदिन है.. आने में थोड़ी देर हो जाएगी..

पापा बोले- बेटा आराम से सुबह आ जाना और ज़्यादा देर तक बाहर नहीं घूमना।

बस फिर हम लोग मेडिकल स्टोर से 10 पिक कंडोम लेकर आए और फिर खाना होटल से मंगाया।

रंडी बोली- सालों सारी रात ऐसे ही निकलोगे क्या..?? जो करना है वो करो और मुझे जाने दो..

मैंने बोला- साली तू लौड़े रोज खाती है तेरा पेट नहीं भरता क्या??? हमारे साथ आज थोड़ा प्यार-मुहब्बत से बातें भी कर ले..

फिर साथ में हम सबने खाना खाया और हो गए चुदाई के काम पर चालू।

मेरा दोस्त बोला- पहले मैं चोदूँगा।

दूसरा बोला- नहीं… पहले मैं निपटूंगा।

मैंने उन दोनों को समझाया- यार सारी रात अपनी है.. दोनों का नम्बर आएगा..

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पहले मेरा दोस्त वसंत गया.. हम दोनों दूर खड़े होकर.. उन लोगों की आवाजें सुनने लगे..

दोस्त की आवाज आई- साली बहुत लौड़ा-लौड़ा चिल्ला रही थी.. अब बोल कितने लौड़े चाहिए तुझे..??

रंडी बोली- बहनचोद कुछ करेगा भी.. या बातों में ही वक्त निकालेगा..??

दोस्त बोला- साली कंडोम चढ़ा.. अभी तेरी गाण्ड फाड़ता हूँ।

फिर दोनों चुदाई करने लगे.. अन्दर गालियाँ और ‘आअहह उआहह’ की आवाजें सुनकर मेरा लंड पैन्ट से बाहर निकलने को करने लगा।
मैं बाथरूम में गया और हाथ से करने लगा।

कोई 2-3 मिनट बाद मेरा पानी छूटने लगा और मैं बाथरूम से बाहर आ गया..

मुझे अब अच्छा लग रहा था। मैं बाथरूम से बाहर आया तो देखा वसंत बाहर आ गया था और राज अन्दर जा चुका था।

राज भी 5 मिनट में बाहर आ गया ओर बोला- यार लड़की की बहुत कसी है.. साला जल्दी निकल गया..

अब अन्दर जाने का.. मेरा नम्बर था, मैं अन्दर जाने में थोड़ा मायूस सा था क्योंकि यह मेरा पहली बार था।

मैं अन्दर गया.. वो सशुभमार निकाल कर बैठी हुई थी.. मैंने उसको कमीज उतारने को बोला।

रंडी बोली- साले ज्यादा बकचोदी ना कर.. लौड़ा डाल और जल्दी से निकल ले..

मैंने उसे कंडोम दिया और बोला- ले इसको मेरे लंड पर चढ़ा साली..

उसने कंडोम मेरे लंड पर चढ़ाया और अपनी टाँगें उठा कर बोली- डाल साले.. अन्दर..

आपको बता दूँ.. मेरा लंड 6” का है.. मैं जब लंड को उसकी चूत में डालने लगा तो वो एकदम से ऊपर की तरफ को उछलने लगी।

उसने गुस्से में बोला- बहनचोद तुझे लंड डालना नहीं आता क्या..??

मुझे गुस्सा आ गया, मैंने आव देखा न ताव और सीधा लंड पेल दिया..

रंडी रोने लगी और मेरे लंड में भी दर्द होने लगा..

उसने मुझे काफ़ी गालियाँ दीं और फिर रोने लगी..

मैं खुश हो रहा था कि मेरा लंड इतना बड़ा है कि मैंने एक धंधा करने वाली को रुला दिया।

उसने मुझे अपने से दूर धक्का दिया और बैठ कर रोने लगी। जब मुझे लगा कि मेरे लंड में हल्का दर्द हो रहा है तो मैंने लाइट ऑन की।

मैंने देखा कि मेरे लंड में से खून निकल रहा था।

मैंने उससे पूछा- साली फट गई गाण्ड?

वो बोली- बहनचोद जब गाण्ड में डालेगा तो चूत फटेगी क्या?? तूने मेरी कुंवारी गाण्ड का उदघाटन कर दिया.. अब इसका 1000 अलग से लूँगी..

मैंने उसके मम्मों को मसला और बोला- जान पहले मुझसे आगे से तो और चुद लो.. हिसाब-किताब चुदाई के बाद.. सील टूटने से मेरे लंड का अगला भाग सुन्न हो गया था।

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उसने मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ा और अपनी चूत में डाल लिया। मैं उसकी चूत में धक्का मारने में लग गया।

वो गाली देती और आवाजें निकालती.. मुझे मज़ा आ रहा था, पर लंड का टोपा सुन्न होने से में झड़ नहीं पा रहा था।

वो तब तक दो बार झड़ चुकी थी, वो बोली- काफ़ी देर से चोद रहा है अब मुझे जाने दे।

मैं बोला- साली पैसे दिए हैं.. वो तो वसूल करूँगा ना..

मैंने उसे काफ़ी देर तक अलग-अलग आसनों में चोदा।

फिर जब वो थक गई तो बोली- मेरी जान अब कंडोम निकाल कर चोदो मुझे..

मैंने उसको बोला- साली मुझे एड्स नहीं करवाना..

फिर उसने मुझे बताया कि वो पिछले महीने से ही यह काम कर रही थी और उसने कभी बिना कंडोम के चुदाई नहीं करवाई है।

मैं बिना कंडोम उसको चोदने को सहमत हो गया।

फिर मैंने बिना कंडोम के उसे 5 मिनट तक चोदा और फिर झड़ गया।

वो बोली- आज तेरे साथ चुद कर मुझे मजा आ गया, पर इस चुदाई के बाद मेरी टांगों में दो दिन तक दर्द रहा।

आपको मैं फिर कभी अपनी कहानी में बताऊँगा कि कैसे मैंने उसको बिना पैसों के चोदा और उसने मुझे बताया कि कैसे वो रंडी बनी।

आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी मुझे ईमेल करके जरूर बताएँ।

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