गोरी गोरी विदेशी चुत चाटी मैंने

मेरी कहानी पढने वाले सभी लोगों को मेरा नमस्कार | मेरा नाम मनवेन्द्र है और मुझे मेरे दोस्त भाई के नाम से भी बुलाते है | मैं बिहार का रहने वाला हूँ लेकिन अभी गुजरात में रहकर जॉब कर रहा हूँ | मेरी उम्र 34 साल है और मेरी अभी तक शादी भी नहीं हुई है | वैसे मैं दिखने में भी कुछ ख़ास नहीं हूँ इसलिए मेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं है | मैं भी उन्ही लडको में से हूँ जो जिंदा लड़की देख के मचल पड़ता है लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता पर कभी कभी कुछ ज्यादा ही हो जाता है | मेरे ऑफिस के दोस्तों से मेरी ये हालत देखी नहीं गई और उन्होंने फैसला किया कि सब मिलकर बैंकाक घूमने जायेंगे |

हमें पूरी प्लान बनाने, बुकिंग करने और छुट्टी मिलने में लगभग 10 दिन लग गए और 10 दिन बाद हम तीनों वहाँ के लिए भाईल गए | मेरे साथ मेरे दोस्त सार्थिक और अर्पित भी थे और दोनों ही लडकीबाज़ी में अच्छे थे | प्लेन में जब एयर होस्टेस मेरे पास खाना लेकर आई तो मेरा मन उसको चोदने के लिए भी मचल पड़ा लेकिन मेरे दोस्त मुझे अच्छे से समझते थे इसलिए उन्होंने उसे मेरे पास ज्यादा देर रुकने नहीं दिया क्यूंकि मैं जब उससे बात कर रहा था तो उसकी आँखों में नहीं दूध की तरफ देखके बात कर रहा था |

फिर बहुत देर उड़ने के बाद मैं बैंकाक पहुँच गए, मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं एअरपोर्ट से बाहर भाईलूँगा और लड़कियाँ लाइन से खड़ी होंगी और मैं सेलेक्ट करूँगा और चोदने लग जाऊंगा | मगर ऐसा नहीं हुआ मेरा इंतज़ार अभी लम्बा था, मैंने एअरपोर्ट पर अपने सामान के लिए इंतज़ार किया फिर टैक्सी से हम सब होटल गए और वहाँ खाना खाया और सो गए |

फिर हम शाम को उठे और अर्पित ने अपने दोस्त को फ़ोन लगाया और वो थोड़ी देर बाद हमारे रूम में आया | अर्पित ने उसे हमसे मिलवाया और मिलवाने के बाद उसने सबसे पहले पूछा भाई भाई को लड़की चोदनी है कहाँ मिलेगी मस्त लड़कियाँ ? उसने कहा भाई बहुत सी जगह है और ये सुनके मुझे कितनी ख़ुशी हुई थी वो मैं बयाँ नहीं कर सकता |

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उसने कहा ठीक है मैं ले चलूँगा तुम सब फ्रेश हो जाओ, तो मैं सबसे पहले भाग के बाथरूम में गया और जल्दी से नहा के बाहर आ गया | मेरे दोस्त थोडा टाइम लगा रहे थे और मैं बाहर बैठा उनको गाली बक रहा था | फिर वो लोग तैयार हुए और हम सब भाईल गए, रास्ते में जितनी भी लड़कियाँ दिख रही थी सब गोरी थी एक भी लड़की मुझे काली नहीं दिखी और ये देखकर मुझे और भी अच्छा अच्छा महसूस हो रहा था | फिर हम सब वहां पहुंचे और अन्दर गए, उसने वहां के मैनेजर से बात की और मुझसे कहा चलो अन्दर सेलेक्ट कर लो | मैं अन्दर गया तो मैंने देखा बहुत सारी लड़कियां खड़ी है वो भी बिकिनी में |

तभी मेरे दोस्तों ने मुझे पकड़ लिया और मजाक में कहा भाई संभाल खुद को और मैंने भी कुछ नहीं कहा और लड़कियां देखने लगा | सभी लड़कियां एक से एक थी मस्त चाइनीज़ लगने वाली लड़कियाँ और सबका फिगर एक दम करारा | मुझे तो सब पसंद आ रही थी लेकिन मैंने फिर भी एक पसंद की और उसको ले के अन्दर चला गया | उसने पहले मेरे कपडे उतारे और मुझे एक बिस्तर पर उल्टा लेटा दिया | उसके बाद उसने मेरी मालिश करना शुरू कर दिया, मैं सोच रहा था मैं यहाँ चुदाई करने आया हूँ या मालिश करवाने लेकिन जो हो रहा था मैंने होने दिया | फिर उसने मुझे सीधा होने का इशारा किया और मैं सीधा हो गया | उसके बाद उसने मेरे पूरी बदन पे तेल लगाया और मेरे लंड को जोर से पकड़ के हिलाने लगी | जैसे ही उसने मेरा लंड पकड़ा मेरे बदन में बिजली सी दौड़ गई |

वो थोड़ी देर मेरा लंड हिलाती रही और मैं लेटा लेटा मज़े लेता रहा | तभी मेरे लंड ने मुट्ठ की पिचकारी मार दी और मुट्ठ उसके हाँथ के ऊपर गिर गया | वो मुझे देखकर मुस्कुराने लगी तो मैंने उसका हाँथ पकड़ के अपने पास खीचा और उसको किस करने लगा | फिर मैं उठा और उसका ब्रा उतार दिया और उसके दूध चूसने लगा जोर जोर से दबाके | अब वो बिस्तर पर बैठी थी और मैं उसके दूध चूस रहा था फिर मैं रुका और उसकी पैंटी उतार दी और नीचे झुकके उसकी चूत देखने लगा | उसकी चूत बिलकुल चिकनी साफ और गोरी भी थी | मैं कुछ देर तक उसकी चूत देखता रहा तभी उसने मेरा सिर पकड़ के अपनी चूत में दबा दिया और मैं उसकी चूत चाटने लगा |

फिर मैंने थोड़ी देर तक उसकी चूत चाटी और उसमें से जो पानी भाईल रहा था उसको उसकी ही चूत पर थूकता रहा | फिर मैं उठा और वो बिस्तर पर टांगे उठाके लेट गई | फिर मैंने बिना देर करते हुए उसकी चूत में लंड डाल दिया और उसको झटके मारते हुए चोदने लगा | वो पता नहीं पहले क्या बोल रही चाइनीज़ में उसके बाद आह्ह्ह्हह्ह आआआअ म्म्मम्म्म्मम्म म्मम्मम्मम्म म्मम्मम्म अह्ह्ह्हह म्मम्मम्मम करने लगी | फिर मैंने अपनी आँखें बंद कर ली और चोदने के एहसास का मज़ा लेने लगा | सच बताऊँ दोस्तों सैक्स से ज्यादा मज़ा किसी चीज़ में नहीं |

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उसके बाद वो उठने लगी मैं रुक गया और फिर उसने मुझे बिस्तर पर लेटने को कहा और मैं लेट गया, फिर वो मेरे ऊपर चढ़ी और मेरे लंड के ऊपर बैठके उचकने लगी | वो आह्ह्ह्हह्ह आआआअ म्म्मम्म्म्म म्मम्मम्मम्म म्मम्मम्म अह्ह्ह्हह म्मम्मम्मम कर रही थी और उसके दूध भी उचक रहे थे तो मैंने उसके दूध पकड़ लिए और वो उसी तरह उचकती रही | फिर मैंने उसकी इशारा किया कि आने वाला है और वो मेरे ऊपर से हटी और मेरा लंड हिलाने लगी | फिर मेरा मुट्ठ भाईला और उसके हाँथ पे ही गिरा और फिर उसने टॉवल से साफ कर लिया | फिर मैं कपडे पहन के बाहर भाईला तो देखा सिर्फ सार्थिक बाहर बैठा है तो मैंने पूछा बाकी कहाँ है ? तो उसने कहा वो अभी अन्दर है |

फिर थोड़ी देर बाद दोनों बाहर आये और हम सब वापस जाने लगे | तो अर्पित का दोस्त जिसका नाम प्रिंस था उसने कहा रात के लिए बुलाना है क्या ? या अभी लेके चलना है ? तो मैंने कहा अभी लेके | तीनों मेरी तरफ देखने लगे और फिर अर्पित ने कहा मन नहीं भरा क्या ? तो मैंने कहा इतनी जल्दी कैसे भरेगा | तो प्रिंस ने कहा चलो और वहां जाके हम चारों ने एक एक लड़की सेलेक्ट की और उसको अपने साथ लेके चल दिए | पहले हम उनको होटल लेके गए और खाना हमने होटल में ही मँगवा लिया लेकिन इस बार हमने दो रूम लिए और एक रूम में दो लोग हो गए |

मैंने अपनी वाली के साथ बैठके डिनर किया और थोड़ी देर तक उसको अपनी गोद में बैठाके उसके मज़े लेता रहा | फिर मैंने उसके कपडे उतारना शुरू किये और उसके बाद उसने मेरे | फिर मैंने उसको अपनी बाहों में जकड़ा और उसको लेके बिस्तर पर लेट गया और चुम्मा चाटी करने लगा | फिर मैंने उसके दूध दबाये और चूत घिसी | फिर मैंने उसकी चूत में लंड डाल दिया और उसको चोदने लगा और वो भी उसी रंडी की तरह आह्ह्ह्हह्ह आआआअ म्म्मम्म्म्मम्म म्मम्मम्मम्म म्मम्मम्म अह्ह्ह्हह म्मम्मम्मम करने लगी | वैसे इसकी चूत पहले वाली से ज्यादा टाइट थी लेकिन दूध उसके ज्यादा बड़े थे |

फिर मैंने उसको घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी चूत में लंड डालके उसको चोदने लगा और वो आह्ह्ह्हह्ह आआआअ म्म्मम्म्म्मम्म म्मम्मम्मम्म म्मम्मम्म अह्ह्ह्हह म्मम्मम्मम करती रही | फिर मैंने जोर जोर के झटके मारकर उसको चोदना शुरू किया और वो अब जोर जोर से सिसकियाँ लेने लगी | थोड़ी देर बाद मेरा मुट्ठ भाईलने को हुआ तो मैंने लंड बाहर भाईाला और पिचकारी उसकी चूत के ऊपर चला दी | फिर उसने अपने बैग से एक कपड़ा भाईला और उससे अपनी चूत साफ कर ली |

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मेरे रूम में सार्थिक भी था लेकिन दूसरे कमरे में तो उसने मुझे आवाज़ लगाई और कहा भाई तेरा हो गया तो मेरी वाली के पास चले जा और मैं तेरी वाली की ले लेता हूँ | फिर मैं उठा और उसको किस किया और अपने कमरे से सार्थिक के कमरे में चला गया और सार्थिक में पहुँच गया |

उसके कमरे में जैसे ही मैं पहुँचा तो वो लड़की नंगी पड़ी थी तो मैंने उसको थोड़ी देर किस किया और उसके दूध चूसे | फिर जब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया तो मैंने उसको भी चोदा और उस रात मेरे मन की मुराद पूरी हो गई | उसके बाद हम तीन दिन वहां और रुके और हमने रोज़ दिन में 2-3 बार चुदाई की | वहां से आने के बाद मैंने यहाँ के चकलों में भी सैक्स किया लेकिन जो मज़ा वहां आया था वैसा मज़ा नहीं मिला | तो आशा करता हूँ दोस्तों आपको मेरी कहानी पसंद आई होगी |

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