रुचिका और निकुंज की काली काली चुत

हेलो दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त एमेंन एक ओर नई कहानी लेकर आपके सामने हाजिर हूँ कहानी कैसी है ये तो आप लोग ही बताएँगे लकिन मेरा दावा हैं जब इस कहानी को मेरी दोस्त रुचिका पढ़ेगी तो उसे भी बहुत मज़ा आएगा

यह आज से 3 साल पहले की बात है जब में बी.कॉम फाइनल इयर में पढ़ता था. हमारे कॉलेज में बोहत लड़कियाँ पढ़ती थी और हमारे क्लास मे भी काफ़ी लड़कियाँ थी. लेकिन उन्न में दो 2 लड़कियाँ ऐसी थी कि जिन को देख कर मेरा लॅंड खड़ा हो जाता था और में सिर्फ़ उनकी तरफ देखता रहता था. एक का नाम रुचिका केएमएस था और दूसरी का निकुंज.

रुचिका मेरे साथ ज़ियादा फ्री थी जब कि निकुंज इतनी न्ही थी. में हमेशा उनको चोदने का सोचा करता था लेकिन कभी भी मोक़ा न्ही मिल सका था. एक दिन हमारी क्लासीज ख़तम हुए तो हम सब स्टूडेंट्स नीचे आ गाए. कुछ देर बाद में ने देखा की रुचिका और निकुंज ऊपेर जा रही हैं में ने उनका पीछा किया. वो दोनो क्लास में चली गई और दरवाज़ा बंद कर लिया. में दरवाज़े क साथ लग कर खड़ा हो गया और सोचा कि जेसे ही वो निकलेंगी तो में क्लास मे अन्दर जाने के बहाने किसी ऐक की चुचियों को हाथ लगा लूँगा ये कहानी एमेंन के द्वारा लिखी गयी है.

लेकिन काफ़ी देर गुज़र जाने क बाद जब वो बाहर न्ही आई तो में ने दरवाज़े से कान लगा लिया अंडर से कुछ सेक्शी आवाज़ें आ रही थी जैसे आआहह ओह ह्म्‍म्म्ममममम. में समझ गया कुछ तो हो रहा हे में इधेर उधेर देखने लगा कि कहीं से कोई ऐसी जगह नज़र आए जहाँ से में उनको देख सकूँ. अचानक मुझे खिड़की (विंडो) मे एक होल नज़र आया और मे वहाँ से उनको देखने लगा वो दोनो बिल्कुल नंगी थी उन के कपड़े साइड वाली चेर पर रखे हुवे थे और वो लेज़्बीयन एंजाय कर रही थी रुचिका निकुंज की चूत को चूस रही थी और निकुंज दर्द और सेक्स क मारे आवाज़ कर रही थी जब मे ने उनको ऐसा करते देखा तो मेरा लंड भी खड़ा हो गया और ऐसा लग रहा था अभी अंडरवेर फाड़ कर बाहर आज़ाएगा. निकुंज चीख रही थी कम ओन रुचिका फास्ट मोर फास्ट फक मी फक मी.

कोई 10 मिनिट बाद मे ने देखा कि निकुंज की टाइट ब्लॅक पुसी से प्योर वाइट जूस बाहर निकला जो सीधा रुचिका के फेस पर गिरा और रुचिका उसे मज़े से पीने लगी और निकुंज से कहा कि तुम भी चाटो. निकुंज बिल्कुल मदहोश हो गई थी इश्स के बाद रुचिका चेर पर बैठी & निकुंज से कहा क अब तुम मेरी पुसी को चूसो निकुंज ने जब उसस्की लेग्स को ओपन किया तो यह देख कर में बिल्कुल हेरान हो गया रुचिका की पुसी ओपन थी बिल्कुल ब्लू प्रिंट मूवीज की तरह मुझे बोहत हैरत हुई निकुंज ने रुचिका से कहा तुम्हारी पुसी इतनी ओपन क्यूँ है तो रुचिका ने कहा निकुंज मेरी जान तुम ने आज यह पहली बार किया है जब तुम रोज़ करोगी तो अपनी फिंगर इन आउट करोगी तो तुम्हारी भी ऐसी हो जाएगी और में तो रोज़ फक भी करवाती हूँ अगर तुम हमारे घर आओ तो मे तुम्हे भी चुदवाउन्गि अपने पड़ोसी एमेंन के दोस्त विक्की गुप्ता , अख़्तर खत्री ,हमारे ग्रूप के मॉडरेटॉर मुन्ना भाईसे बोहत मज़ा आता है इन सबके लंड बड़े प्यारे है और मेरी ऐक विश हे कि मेरी पुसी इतनी ओपन हो जाए कि में अपना पूरा हाथ इश्स मे अंडर ले सकूँ.

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कोई 8-10 मिनिट बाद रुचिका भी रिलॅक्स हो गई और वो दोनो अपने कपड़े पहेनिने लगी की अचानक मेरे मूह से आवाज़ निकली और में भी रिलॅक्स हो गया. उन्हो ने वो आवाज़ सुनली तो निकुंज ने कहा शायद कोई हमें देख रहा था तो रुचिका बोल्ली कोई बात न्ही मे देखती हूँ रुचिका ने दरवाज़ा थोड़ा सा खोला बिकॉज़ शी वाज़ स्टिल अनड्रेस्ड और बोल्ली कोन है? मे ने हिम्मत कर के कहा मैं एमेंन हूँ तो वो बोल्ली क्यूँ आए हो? मे ने कहा अपनी पेन भूल गया था हू लेने आया हूँ. उस ने कहा ठीक है अंडर आजाओ मे जेसे ही अंडर गया तो देखा वो दोनो अभी तक अनड्रेस्ड थी निकुंज ने ब्रा और अंडरवेर पहना था जब कि रुचिका बिल्कुल नंगी खड़ी थी उस ने मुझसे कहा मुझे पता था तुम ज़रूर आओगे क्यूँ कि में तुम्हे रोज़ क्लास मे देखती थी तुम सिर्फ़ हमारी चुचियों को देखते हो लेकिन तुम कुछ कर न्ही सकते थे मुझसे ज़ियादा तुम इस्स ब्लॅक ब्यूटी निकुंज मे इंट्रेस्टेड थे जब वो चलती थी तो तुम्हारी नज़र उसकी बॉडी को घूरती थी में भी तुमको देखती थी लेकिन कुछ कह न्ही सकती थी आज तुम आए हो तो तुम मेरी और में तुम्हारी पियास बुझाऊंगी यह कह कर उस्स ने मुझे किस करना शुरू कर दिया और मे भी उसे रेस्पॉन्स देने लगा निकुंज हम दोनो को देख रही थी वो बोहत डरी हुए लग रही थी.

मे ने उसको हाथ से पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और रुचिका केएमएस से कहा तुम मेरा लंड अपने मूह मे लेलो रुचिका ने मेरे लंड को चूसना शुरू किया और में निकुंज को किस करने लगा में ने उसका ब्रा खोल दिया और उस के अनटच्ड ब्लॅक मुम्मे चूसने लगा वो बेक़रार हो रही थी तो में ने कहा तुम भी मेरा लंड चूस कर मज़ा लो तो उस ने कहा न्ही यह बोहत गंदा है तो में ने उसको कहा – देखो रुचिका केसे मज़ा ले रही है तुम भी लेलो लेकिन वो न्ही मानी तो रुचिका और में ने ज़बरदस्ती उसके मूह में अपना लॅंड डाल दिया तो उस ने धीरे धीरे चूसना शुरू किया उसे मज़ा आने लगा और वो चूस्ति रही 15 मिनिट्स के बाद में ने उसका मूह अपने वीर्य से भर दिया तो रुचिका जो निकुंज की चूत को अपनी जीभ से चोद रही थी अचानक ऊपेर उठी और मेरे वीर्य को उस के मूह से अपने मूह में लेने लगी.

अब मे उन्न दोनो को चोदना चाहता था तो में ने रुचिका से कहा – में निकुंज को चोदना चाहता हूँ पहले तो उस ने कहा शी इस टोटली वर्जिन बोहत मुश्किल है यहाँ लेकिन में ने कहा – प्लीज़ तो उस ने कहा ठीक हे मैने निकुंज को अपनी बाहों मैं भर लिया और उसके होंठो को अपने होंठो मैं लेकर चूसने लगा निकुंज ने भी अपने होंठ शायद पहली बार चूस वाए थे उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था मैने अपनी जीभ निकुंज के मुँह मैं अंदर डाल दी और मेरी जीभ उसके मुँह मैं किलोल करने लगी दोस्तो निकुंज के होंठो को चूसने मैं इतना मज़ा आ रहा था की थोड़ी देर के लिए हम रुचिका को भी भूल गये जब रुचिका ने मेरी पीठ पर अपनी चुचियाँ रगड़ना शुरू की तो मुझे याद आया की हम लोग तीन हैं मैने निकुंज की चुचियों को मसलना शुरू किया तो मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे हाथ फोम के टुकड़े को दबा रहे हों निकुंज की छोटी छोटी चुचिया तन कर ऐसे खड़ी हो गयी जैसे हिमालय की एवरेस्ट की चोटियाँ हों निकुंज पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी उसकी चूत लंड माँग रही थी लंड की याद मैं मचल रही थी आँसू बहा रही थी अब मैने भी ज़्यादा देर करना उचित नहीं समझा मैने रुचिका से कहा मैं अब निकुंज को चोदने जा रहा हूँ.

तो रुचिका बोली मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन निकुंज के मूह पर कोई कपड़ा बांधो नही तो ये बहुत चिल्लाएगी तो में ने उसका ब्रा उस के मूह पर बाँध दिया और अपना 7.5” इंच का लंड उसकी चूत पर रख दिया और आहिस्ता आहिस्ता धक्के मारने लगा उसे बोहत मज़ा आ रहा था फिर आहिस्ता आहिस्ता में ने ज़ोर लगाना शुरू कर दिया आहिस्ता आहिस्ता मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अन्दर जा रहा था और वो अपने हाथो से मेरा लंड हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन में ने उस के हाथ पकड़ कर एक ज़ोरदार धक्का लगाया और अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में था वो एक दम ऊपेर उठी और नीचे गिर गई वो बेहोश हो गई थी उसकी चूत से खून निकल रहा था अब हम दोनो भी परेशान हो गये कि इसको होश में केसे लाएं वहाँ पर पानी भी न्ही था में ने रुचिका से कहा कि अब किया करें तो रुचिका ने कहा कि तुम मेरे मूह में पेशाब करो और में तुम्हारे पेशाब से निकुंज पर स्प्रे करती हूँ.

मेंने अपना लंड निकुंज की चूत से निकाल कर रुचिका के मूह मे डाल दिया और पेशाब कर दिया अभी रुचिका ने थोड़ा ही स्प्रे किया तो निकुंज होश मे आ गई तो रुचिका ने बाक़ी पेशाब पी लिया और बोल्ली वाउ किया टेस्ट था तुम्हारे पेशाब मे निकुंज ने और फक्किंग से मना किया और कहा कि आज बोहत दर्द हो रहा हे लेकिन रुचिका ने उसे समझाया कि पहले दर्द होगा फिर मज़ा आएगा बड़ी मुश्किल से वो मानी तो मे ने अपना लंड फिर उसकी चूत मे डाल दिया और धक्के मारने लगा अब उसे मज़ा आ रहा था और निकुंज आसमान की सैर करने लगी उसके मुँह से वासना की अजीब अजीब आवाज़ें निकालने लगी ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मेरे राज अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह राज तुम अब तक कहाँ थे चोदो मेरे राजा अपनी इस बाँदी का सब कुछ मसल डालो हाइईईईईईईईईईई राज मेरी चुचियों का सारा रस पी जाओ छोड़ो मेरे राजा और ज़ोर से छोड़ो अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह रज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज मैं जा रहीईईई हुन्न्न्न्न्न राज्ज्जज्ज मैं गयीईईईईईइ.

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कुछ देर बाद में ने महसूस किया निकुंज की चूत से क्रीम बाहर निकल रही है तो मे ने और ज़ोर से धक्के मारने शुरू कर दिए और 25 मिनिट बाद मेरी क्रीम निकुंज के मूह मे थी. मे भी 3 बार चुदाई होने के बाद काफ़ी कमज़ोरी फील कर रहा था इश्स लिए रुचिका से कहा कि तुम्हें कल चोदुन्गा तो वो बोली न्ही मेरे राजा कम से कम एक बार तो आज करो मेरा लंड बिल्कुल ढीला हो गया था और उस ने चूस कर दोबारा उसको तय्यार किया तो में ने रुचिका को अपनी बाहों मैं लेकर उसे नीचे फर्श पर लिटा दिया और उसकी चूत पर अपने होंठ रख दिए फिर मैने अपनी जीभ रुचिका की चूत मैं अंदर की तो रुचिका का आनंद के मारे बुरा हाल था रुचिका ने मेरे सर को अपने दोनो हाथों से पकड़ कर अपनी चूत पर दबा दिया और बोली अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हराज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज बस ऐसे हीईईईइ चूसो मेरीईईइ चुतत्त्टटतत्त.

अब मैं रुचिका के उपर आगेया ओर उसकी एक चुचि को अपने मुँह मैं लेकर चूसने लगा और दूसरी को एक हाथ से मसलने लगा रुचिका मस्त जवानी को मैं मस्त होकर चूस रहा था रुचिका के मुँह से कामुक सिस कारियाँ निकल रही थी अब मुझे भी बर्दस्त ना हो रहा था मैने रुचिका की टाँगें हवा मैं उठाई और अपना लंड उसकी चूत पर रख कर एक ज़ोर दार शॉट लगाया मेरा लंड एक बार मैं ही उसकी बच्चे दानी से टकराया रुचिका के मुँह से मस्ती की चीख निकल गयी हाय राज्ज्जज्ज क्या मस्त शॉट मारा है अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह राज्ज्जज्ज्ज मेरी चूत तो धन्यहो गयी बस ऐसे ही चोदते रहो हाय मेरे राजा अब तक तक तुम कहाँ थे मेरी चूत तुम्हारे लंड के लिए कब से तड़फ़ रही थी.

तुमने मुझे पहले क्यू इशारा नही किया मैं तो तुमसे पहले ही चुदवा लेती 25 मिनट की लंबी चुदाई के दोरान रुचिका ने 3 बार पानी छोड़ा तब जाकर मैं झाड़ा और जबमैं रुचिका को चोद रहा था तो निकुंज बोली प्लीज़ दोबारा मुझे करो तो मे ने उसको भी दूसरी चेर पर बैठा कर उसकी लेग्स ऊपेर कर लीं अब थोड़ी देर निकुंज को थोड़ी देर रुचिका को चोद रहा था और को 35 मिनिट्स क बाद मे ने अपने क्रीम रुचिका की पुसी मे ही निकाल दी. दोस्तो इस तरह मैने रुचिका केएमएस और निकुंज की चुदाई का भरपूर मज़ा लिया आपको ये कहानी कैसी लगी बताना.

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