रोजाना थ्रीसम सेक्स का मजा चाहिए

मैं एक कामसूत्र की शौक़ीन नारी हूँ जिसे स्टारिंग में आप सभी एक सीधी सादी लड़की या औरत समझेंगे लेकिन धीरे धीरे मेरी चुदास के बारे में जन कर आप सभी हैरान हो जायेंगे. इस दुनिया में दो तरह की चूत होती है, एक होती हैं चूत जिसे कुछ दिनों में लंड मिल जाए तो वो खुश हो जाती हैं और दुसर होती हैं प्यासी चूत जिसे रोज चोदो फिर भी वो भूखी और प्यासी ही रहती हैं. मेरी चूत दुसरे टाईप की हैं. मुझे चुदने की अभिलाषा रहती हैं. आज की ये न्यू हिंदी सेक्स कहानी में मैं आप को बताउंगी की कैसे मैंने एक बार थ्रीसम करवा के प्यासी चूत को ठंडी किया था.

मैं मेरिड हूँ लेकिन हरयाणा के एक बड़े शहर में अकेली ही रहती हूँ. पति का अपना फूलता फाल्ट बिजनेश हैं और वो दिल्ली में ही स्टे कर रहे हैं कुछ महीनो से. पति के दूर होने से मेरी चूत की प्यास जैसे और भी बढ़ी हुई हैं.

वैसे मेरे सास ससुर इसी शहर में हैं. लेकिन मेरी और सासु माँ की बनती नहीं थी तो पति ने ये घर ले लिया. और वो फिर वो दिल्ली चले गए. वैसे वो हफ्ते में दो बार आते हैं और मुझे चोदते हैं लेकिन मैं उस से संतुष्ठ नहीं होती हूँ. दिल्ली ना जाने की बड़ी वजह ये थी की मैं पहले से ही यानि की अपनी शादी के पहले से ही यहाँ जॉब कर रही हूँ एक बेंक में और मैं ये जॉब छोड़ना नहीं चाहती हूँ.

मेरी एज अभी 26 बरस की हैं और मेरे बूब्स काफी सेक्सी लुकिंग हैं. वो साइज़ में तो अछे हैं हे लेकिन उनका तना हुआ होना उनका सब से बड़ा प्लस पॉइंट हैं. जो मेरे बूब्स को देखे उसे लंड में अपने आ ही खुजली होने लगती हैं. मेरी बॉडी सुडोल हैं, नाप में करीब 36-32-38 जितनी. और इन शोर्ट आप एक लाइन में ये समझ लो की वो लड़के कहते हैं ना की चोदनेलायक भाभी हैं वैसे ही हूँ मैं! अब मैं आप को बताऊँ अपनी थ्रिसम चुदाई की बात.

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एक सन्डे की ये बात है. मेरी बेंक में छुट्टी थी और मैं घर पर अकेली ही थी. वैसे मैंने आप को बताया नहीं लेकिन शादी के बाद भी मेरा एक बॉयफ्रेंड हैं. मैंने उसे कॉल किया और अपने घर पर बुला लिया. हम लोग शादी के बाद भी मिलते हैं और सेक्स भी करते हैं.

मेरे बॉयफ्रेंड का नाम मितुल हैं, और वो खुद भी शादीसुदा हैं. उसकी शादी मेरे मेरेज के कुछ समय के बाद ही हुई थी. वो मेरे से करना चाहता था लेकिन नहीं सेटिंग हुई तो वो अपने लिए एक घर की चूत ले आया. वो दिखने में और बातचीत में एकदम स्मार्ट बन्दा हैं. और उसका अपना एक जिम है और उसकी बॉडी बड़ी ही सेक्सी हैं. दोस्तों आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मैंने मितुल को कॉल किया,

मैं: अरे कहाँ पर हो आज मितुल?

मितुल: अरे हमको कहा जाना मेडम, घर पर ही हूँ.

मैं: आ सकते हो मेरे फ्लेट पर आअज?

मितुल: ट्राय करता हूँ मेरी वाइफ भी घर पर ही हैं.

मैं: साले बीवी कहाँ से आ गई हम दोनों के बिच में? पहले तो कभी बीवी की धोंश नहीं दिखाई तूने!

मितुल: अरे यार ऐसा नहीं हैं, आज उसकी तबियत खराब हैं इसलिए मेरा आना मुश्किल हैं!!!

मैं सेड गई. मैंने कहा ओके और फिर मैंने मितुल से कॉल काट के अमन को कॉल किया. अमन हमारी बेंक में ही काम करता हैं और एक बार उसने मुझे स्टोर रूम में लोडा चुसाया था. वो कब से मुझे चोदने के लिए मर रहा था लेकिन मैं उसे लिफ्ट नहीं करवाती थी. लेकिन आज प्यासी चूत के लिए मुझे उसको कॉल करना ही पड़ा.

मैं: हल्लो, अमन कहा पर हो?

अमन: अरे मेडम, क्या बात हैं क्या भाग्य हमारे की आप ने कॉल कर दिया.

मैं: चल बटर मत लगा इतना, बता कहा हैं हैं तू?

अमन: बस खेत की तरफ आया था अपने, पापा जी का टिफिन देने के लिए. कुछ काम था?

मैं: नहीं, बस ऐसे ही घर पर अकेली थी तो सोचा की तुम को बुला लूँ!

अमन: अरे बाप रे! चलो मैं जल्दी से जल्दी पहुँचने की ट्राय करता हूँ.

मैं: ठीक हैं फिर मैं प्रतीक्षा करती हूँ.

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मैं अपनी चूत को सहलाते हुए सोचने लगी की एक बार अमन आये तो उसे सब काम भुला दूंगी अपनी बुर से. मैंने उसके आने से पहले नहा लिया. और फिर एक बड़ी ही सेक्सी पेंटी पहन ली. मैंने शोर्ट वाला स्कर्ट और टॉप पहना और ब्रा नहीं पहनी. मैं चाहती थी की मेरे बूब्स उछले और उन्हें देख के अमन का लौड़ा खड़ा हो जाए! मेरा स्कर्ट भी थोडा टाईट ही था जिसमे मेरी गांड एकदम भरी हुई लग रही थी.

कुछ देर के बाद दरवाजे की बेल बजी. मैंने सोचा की अमन आ गया. लेकिन जब दरवाजा खोला तो चौंक गई! वहां पर तो मितुल खड़ा हुआ था!

मैं: अरे मितुल तुम, तुमने तो कहा की आज नहीं आ सकते हो!

मितुल: चौंक तो ऐसे रही हो जैसे किसी और के इंतजार में हो!

मैं: अरे ऐसा नहीं हैं बाबा, वो तो तुमने मना किया था की नहीं आ सकते और आ गए इसलिए थोडा चौंक गई मैं.

मितुल ने मुझे अपने शोल्डर के ऊपर ले लिया और बेडरूम में ले जा के बिस्तर के ऊपर डाला और उसने कहा: आज तो आला ग्रांड माल लग रही हो तुम मेरी जान!

और फिर वो सीधे ही मेरे ऊपर टूट सा पड़ा. उसने मेरे टॉप को खोलने की जगह फाड़ के ही फेंक दिया. मैंने अन्दर ब्रा तो पहनी ही नहीं थी. इस वजह से मेरे बड़े बूब्स उसके सामने खुल गए. और वो अपने दोनों हाथ से उन्हें जोर जोर से दबाने लगा. ­मैं भी उसका ह दे रही थी और मैंने उसके फेस को अपनी तरफ खिंच के उसे जोर जोर से किस करना चालू कर दिया.

मितुल भी सेक्स के नशे में चूर लग रहा था. और वो आज कुछ फास्ट लग रहा था मुझे. उसके मुझे एक मिनिट के भीतर तो पुर न्यूड कर दिया और वो मेरी चूत के सामने आ गया. मेरी चूत को वो अपनी लम्बी जबान निकाल के चाटने लगा. और मैं कामुकता के नशे में अह्ह्ह्ह अह्ह्ह हम्म्म्म अह्ह्ह्ह मितुल अह्ह्ह कर रही थी.

मैंने मितुल को अपने से दूर कर दिया एक धक्का दे के और फिर खड़ी हो गई. मैं एकदम न्यूड थी उसके एकदम सामने. और वो मुझे ऊपर से नीचे देख रहा था. मेरी चूत के अन्दर भी एकदम से खुजली हुई थी. अब मैंने मितुल की शर्ट को ऊपर की और फिर उसको अपने पास लिटा दिया. और फिर मैंने उसकी पेंट को और अंडरवियर को भी खोल दिया.

अब उसका कडक लोडा मेरे सामने था और वो एकदम रेडी था मेरी चूत को खोलने के लिए. मैंने उसके लौड़े को पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी. और फिर मैंने उसके लंड को आइसक्रीम के खाने को जैसे अपनी जबान से चाटा. मितुल ने कहा, अरे चख रही हैं उस से अच्छा चूस ले ना!

और मैंने उसके ऐसा कहते ही लंड को अपने मुहं में ले लिया और उसे चूसने लगी. और फिर मैंने उसके लंड पर थूंक दिया और उसे अपने हाथ सेहिला दिया. और वापस लौड़े को मुहं में भर के चूसने लगी. करीबन पांच मिनिट तक मैं उसके लंड को ऐसे ही मस्ती से चुस्ती रही. और उसका नतीजा ये हुआ की उसके लंड से पानी निकल के मेरे मुहं में आ गया. और सच कहूँ तो मैं भी उसके लंड के पानी को छुड़ाना ही चाहती थी.

और मैंने उसके लौड़े से निकले हुए पानी की एक एक बूंद को चाट के साफ़ किया. उसके लंड को तो जैसे मैंने निचोड़ दिया था पूरा के पूरा. अब वो उठा और उसने मुझे बिस्तर में डाल के मेरी टांगो को खोल दिया. एक बार फिर से मितुल ने मेरी चूत को अपने मुहं से चाटने का काम चालू कर दिया था. मैं एकदम मस्ती में कराह रही थी.

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फिर चूत को लिक करते हुए मितुल ने अपनी एक ऊँगली को मेरे पीछे के छेद में घुसा दिया. मैं ये सब के लिए रदी नहीं थी इसलिए मैं उछल सी गई और मितुल के मुहं को जोर से मैंने अपने बुर के ऊपर दबा दिया. दोस्तों आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मितुल ने करीब 8 10 मिनिट तक मेरी चूत को मजे से चाट लिया. साले ने मेरी चूत का सब पानी निकाल दिया. मैं मितुल को गले से लगा के लिपट गई. और हम दोनों ऐसे ही नंगे नींद में सो गए और हमें पता भी नहीं लगा.

और कुछ देर के बाद मुझे लगा की मेरी चूत को कोई चाट रहा हैं. मैंने आँख खोली तो देखा की वो अमन था! साला मैं दरवाजा बंद करना ही भूल गई थी और अमन अंदर आ गया था! मुझे डर था की कहीं मितुल ने देख लिया तो वो मुझे फिर कभी नहीं चोदेगा. मैंने मन ही मन सोचा की जल्दी से अमन से चुदवा लूँ और फिर उसे निकाल दूँ घर से. मैंने भी उसके लंड को पकड़ लिया और हिलाने लगी.

और मैं उसका लंड ही चूस रही थी की पीछे से मितुल भी आ गया. उसने मेरे दोनों बूब्स को हाथ में ले के मसल दिया और फिर अपने लंड को निकाला और मेरी पीठ के उपर टच करवा रहा था. मेरे अन्दर की औरत एकदम जाग सी गई थी. मैंने पीछे देखा तो मितुल ने मुझे आँख मार दी. मैं उसका लंड लेने के लिए घोड़ी सी बन गई. उधर मेरे मुहं में अभी भी अमन का लोडा तो था ही.

और अब पीछे से मितुल ने अपने लौड़े को मेरी चूत के ऊपर लगा दिया. वो हलके हलके से मेरी गीली चूत के अन्दर अपने लंड को घुसा रहा था. थोड़ी महनत करने पर उसका लंड अन्दर घुस गया.

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करीब दो हफ्तों के बाद मैंने किसी का लंड अपनी प्यासी चूत के अन्दर लिया था. और आज मुझे लंड लेने में जैसे हल्का हल्का सा दर्द भी होने लगा था. मैं चीखती भी कैसे मुह में अमन का लौड़ा जो था. चूत को चोदते चोदते मितुल को मस्ती चढ़ी और उसने अपनी एक ऊँगली को थूंक वाली कर के मेरी गांड में घुसा दी. मैं जानती थी की वो क्या चाहता था. और अमन भी समझ चूका था. उसने कहा चलो अब चेंज कर लेते हैं पोजीशन को. और वो निचे लेट गया. मैं उसके लौड़े को पकड़ के अपनी चूत में सेट कर के उसके ऊपर बैठ गई. और एक ही सेकंड में पूरा लंड उसने घुसा दिया मेरे अन्दर.

और पीछे खड़े हुए मितुल ने अपने लौड़े को नौका को तेज की और उसके ऊपर और थूंक लिया. फिर उसने मेरी गांड पर भी थूंक लगाया. और फिर एक ही झटक में आधा लंड गांड में दे दिया. अब मेरे छेदो में दो दो लंड घुसे हुए थे. और वो दोनों ही मुझे मस्ती से चोदने में लगे हुए थे.

और फिर मितुल ने अपने लंड का पानी मेरी गांड में ही छोड़ दिया. उसका लंड गिला और ढीला हो के मेरी गांड में से सिकुड़ के बहार आ गया. अमन भी अब तेज धक्के देने लगा था. मैंने उसको बोला की मुझे पानी पिना हैं उसका. तो उसने लंड चूत से निकाल के मेरे मुहं में डाल दिया. और वो मेरे मुहं में ही झड़ गया. मैं उसके सब पानी को पी गई.

दोस्तो वो मेरी लाइफ का एक स्पेशियल डे था. क्यूंकि उस दिन एक दुसरे से अनजान दो मर्दों ने मेरी चूत और गांड को शाम तक बजाय था. और इस थ्रीसम चुदाई में मुझे इसलिए मजा आया क्यूंकि वो दोनों जैसे होड़ में लगे हुए थे. मर्द का स्टेमिना कम्पीटिशन और चेलेंज के समय बढ़ जाता हैं वो मैंने उस दिन प्रत्यक्ष रूप से देख लिया! अब तो रोजाना थ्रीसम सेक्स का मजा चाहिए.

कैसी लगी मेरी दो लंड लेने की थ्रीसम चुदाई की कहानी आप दोस्तों को?

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