इंटरनेट पे मिले कपल के साथ थ्रीसम सेक्स

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रुपेश है और मेरी उम्र 29 साल है। मुझे सिर्फ़ थ्रीसम यानी 2 मर्द 1 औरत में ही मज़ा आता है. में अब तक 4 कपल से मिल चुका हूँ, लेकिन कई दिनों से मेरी कोई कपल से मुलाकात नहीं हुई थी। मेरी हाईट 6 फुट, वजन 60 किलोग्राम। में मोहाली का रहने वाला हूँ। अब में आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो एक सच्ची घटना है। मेरा पहला सेक्स अनुभव 1 साल पहले एक कपल के साथ ही हुआ था। में उनके घर में पेइंग गेस्ट था।  फिर मैंने इंटरनेट की मदद ली। मैंने कई लोगों को मैल किया और कई साईट पर अपना विज्ञापन दिया तो तब जल्दी ही मेरे पास एक कपल का मैल आया, वो कपल शिमला का था। फिर उसने मुझसे मेरा मोबाईल नम्बर माँगा तो तब मैंने उनको मेरा मोबाईल नम्बर दे दिया। फिर जल्दी ही उस बंदे का फोन आया, उसका नाम ब्रजेश था, उसकी उम्र 30 साल थी और उसकी वाईफ की उम्र 27 साल थी, उसकी इच्छा थी कि कोई उसकी वाईफ को उसके साथ मिलकर चोदे। वो अपनी वाईफ को भी इस बात के लिए तैयार कर चुका था।

अब मै अक्सर फ़ोन पर बात करने लगे थे, लेकिन वो शिमला में रहते थे और में मोहाली में रहते थे। फिर एक दिन ब्रजेश काम से मोहाली आया तो तब में उससे पहली बार मिला। ब्रजेश साथ में अपनी वाईफ स्वाती का फोटो भी लाया था। फिर जब मैंने उसका फोटो देखा तो तब में पागल हो गया, वो गजब की खूबसूरत लड़की थी। फिर ब्रजेश ने बताया कि स्वाती की हाईट 5 फुट 7 इंच है और उसका फिगर साईज 38-28-38 है, वो एकदम गोरी थी, ब्रजेश भी काफ़ी स्मार्ट था। फिर ब्रजेश से मिलने और स्वाती का फोटो देखने के बाद मेरी उनसे मिलने की उत्सुकता बढ़ गई थी, लेकिन दिक्कत ये थी कि वो शिमला में थे और में मोहाली में रहता था। में एक बैंक में काम करता हूँ और अब मुझे छुट्टी नहीं मिल रही थी।

फिर ब्रजेश ने एक दिन मेरी स्वाती से फोन पर बात करवाई, तो जल्दी ही हम काफ़ी खुल गये थे, कई बार तो हम तीनों फोन पर ही सेक्सी बातें करके ग्रुप सेक्स करने लगे थे। स्वाती की सबसे अच्छी बात ये थी कि वो बहुत ओपन थी, वो खुलकर शब्द यानी चूत, लंड और गांड बोलती थी और जब हम दोनों सेक्सी बात करते तो तब ब्रजेश उसे स्पीकर फोन पर सुनकर मज़ा लेता था। अब में स्वाती से मिलने के लिए बेकरार हो रहा था। अब ब्रजेश और स्वाती भी मुझसे हर हाल में जल्दी से मिलना चाहते थे। फिर ब्रजेश ने तय किया कि वो स्वाती को लेकर मोहाली आएगा और फिर हम मिलेंगे। अब मैंने उनके लिए मोहाली में एक शानदार होटल बुक कर दिया था। फिर स्वाती और ब्रजेश बस से मोहाली पहुँचे। फिर में उन्हें लेने बस स्टैंड पहुँचा।

फिर जैसे ही मैंने स्वाती को देखा मेरा तो सिर घूम गया था, वो क्या चीज थी? उसकी आँखें ब्लू कलर की थी, उसके बाल कंधे तक थे और उसका रंग गोरा था, उसके होंठ थोड़े से मोटे थे, जो बहुत सेक्सी लगते है, वो टॉप और जीन्स पहने हुई थी और टॉप डीप नेक था, उसमें से उसके 38 साईज के बूब्स कुछ-कुछ नजर आ रहे थे और जो सबसे शानदार थी वो उसकी निकली हुई गांड। खैर फिर में ब्रजेश और स्वाती को अपनी कार में लेकर होटल पहुँचा, वो रूम शानदार था, जब शाम के 6 बज रहे थे। फिर स्वाती फ्रेश होने के लिए चली गई। अब ब्रजेश और मुझे इस मौके की तलाश थी। फिर हम दोनों ने प्लानिंग करनी शुरू कर दी। तब ब्रजेश ने कहा कि वो चाहता है कि स्वाती को रंडी की तरह हम दोनों चोदें। उसका कहना था कि ज़्यादा दारू पीकर स्वाती रंडी जैसी हो जाती है। अब में भी यही चाहता था। तभी स्वाती बाहर आ गई, उसने टाईट और थोड़ा सा स्कर्ट और टॉप पहन रखा था। उसकी स्कर्ट की साईड में एक बड़ा सा कट था जिससे उसके चिकने पैर दिखाई दे रहे थे।

ब्रजेश ने बताया था कि स्वाती और उसका किसी तीसरे के साथ यानी ग्रुप सेक्स का पहला मौका है इसलिए बिना दारु पिए स्वाती के लिए बहुत मुश्किल होगा और यह बात में भी जानता था कि उसे खुलकर चोदने के लिए स्वाती को खूब दारू पिलानी होगी। फिर मैंने रूम सर्विस को फोन किया और अपने और ब्रजेश के लिए विस्की का ऑर्डर दिया और फिर स्वाती से पूछा कि वो क्या पिएगी? तो तब उसने बियर के लिए कहा। तो तब मैंने मज़ाक में कहा कि क्या बच्चो का ड्रिंक पीती हो? असल में में उसे हार्ड ड्रिंक पिलाना चाहता था जिससे उसे अच्छा नशा हो जाए और वो रंडी की तरह बेड पर मज़ा दे। तब स्वाती मेरी बात सुनकर बोली कि अच्छा वोड्का पी लूंगी। फिर बार-बार डिस्टर्ब ना हो इसलिए मैंने दारू की फुल बोतल का आर्डर दिया।

अब दारू आ चुकी थी और अब हम तीनों पीने में जुट गये थे। अब स्वाती और ब्रजेश अपने सेक्स के किस्से बता रहे थे और में उन्हें अपने ग्रुप सेक्स के किस्से सुना रहा था। अब हमारे 2-2 पैग हो चुके थे, फिर भी सिर्फ़ अभी तक बातें ही रही थी। फिर मैंने स्वाती के चिकने पैर पर अपना पैर टच करना चाहा। तो तब भी स्वाती ने कोई जवाब नहीं दिया। तभी स्वाती कुछ लेने के लिए गई। तब ब्रजेश बोला कि साली स्वाती रंडी को अभी तक दारू चढ़ी नहीं है, नहीं तो अभी तक तो साली कुत्तियाँ नंगी होकर हम दोनों के लंड चूसने लगती। अब अपनी पत्नी के लिए पति के मुँह से ऐसी बातें सुनकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया था। फिर ब्रजेश ने कहा कि स्वाती रंडी को बड़े बड़े पैग बनाकर देते है। अब स्वाती को दो दो लंड से चोदने का हमारा प्लान तैयार था। अब स्वाती वापस आ चुकी थी। फिर मैंने और ब्रजेश ने उसको बड़े बड़े पैग बनाकर देने शुरू कर दिए। अब 2 पैग के बाद ही स्वाती को दारू चढ़ गई थी। अब ब्रजेश स्वाती के पास बैठा था।

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फिर उसने स्वाती को किस करना शुरू कर दिया और अब उसके हाथ स्वाती के बूब्स को रगड़ रहे थे। अब में पास के सोफे पर बैठा था और फिर मैंने भी अपना एक हाथ स्वाती की जाँघ पर रख दिया। तो तब ब्रजेश ने अपनी जीभ स्वाती के मुँह में डाल दी। अब स्वाती उसकी जीभ को चूसने लगी थी। फिर में नीचे बैठ गया और फिर मैंने उसकी स्कर्ट को ऊपर उठा दिया। अब उसकी चिकनी जांघे देखकर मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था। फिर मैंने अपनी जीभ से उसकी जाँघो को चाटना शुरू कर दिया। अब ब्रजेश ने उसके टॉप को उतार दिया था और उसके बूब्स पर किस करने लगा था। अब मुझे भी जोश आ गया था और फिर मैंने स्वाती की स्कर्ट खींच दी, तो साथ में उसकी पेंटी भी सरक गई थी। अब स्वाती पूरी नंगी थी। अब उसके 38 साईज के बूब्स के साथ ब्रजेश लगा पड़ा था। फिर स्वाती ने मेरे बाल पकड़कर मुझे भी ऊपर उठा लिया। अब मेरे और ब्रजेश के बीच स्वाती बैठी थी। फिर मैंने उसके राईट बूब्स पर अपना एक हाथ रख दिया और अब ब्रजेश उसके लेफ्ट बूब्स को चूसने लगा था।

अब स्वाती ने मेरा सिर पकड़कर अपने राईट बूब्स पर रख दिया था। अब में उसका इशारा समझ गया था और उसके बूब्स को चाटने लगा था। फिर जब वो सिसकारियाँ भरने लगी तो तब मैंने उसका गुलाबी निप्पल अपने मुँह में भर लिया। तब स्वाती बोली कि आह क्या मज़ा आ रहा है? सालो और ज़ोर से चूसो। तो ये सुनकर मुझे और ब्रजेश को जोश आ गया और फिर हमने और बुरी तरह से उसके मखमली बूब्स को चूसना शुरू कर दिया। अब ब्रजेश ने तो उसके बूब्स को काट भी लिया था। तभी वो चिल्लाई हरामजादे खा जाएगा क्या? मुझे दर्द हो रहा है। अब उसके मुँह से गाली सुनकर मैंने भी उसके बूब्स पर अपने दाँत गढ़ा दिए थे। तब वो फिर से बोली तू भी साले हरामी है, मेरा पति तेरे सामने मुझे नंगा कर रहा है तो तू क्या मुझे अपने बाप का माल समझ बैठा है? चाटना है तो मेरी चूत को चाट। तो तब मैंने झट से उसकी चूत पर कब्जा कर लिया।

अब वो अपनी दोनों टाँगे फैलाकर बैठ गई थी और फिर मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगा दिया। अब मेरी जीभ उसकी चूत को कुरेद रही थी। तो तभी स्वाती बोली कि साले पूरी जीभ अंदर डाल तब मज़ा आएगा। तब मैंने कहा कि बेड पर चलो। अब ब्रजेश भी यही चाहता था तो तब स्वाती उठी और लड़खड़ाती हुई बेड पर जाने लगी थी। अब उसकी गांड की थिरकन देखकर में हिल गया था, मैंने पहली बार उसकी नंगी गांड देखी थी, एकदम गोरी और भारी-भारी सी। फिर वो बेड पर अपनी दोनों टाँगे फैलाकर लेट गई। तब मैंने पहले उसकी चूत को चाटना शुरू किया और फिर अपनी जीभ की नोक उसकी चूत में डाल दी। अब ब्रजेश उसके बूब्स चूसने में लगा था। तब वो ब्रजेश से बोली कि देख मादरचोद चूत ऐसे चाटी जाती है, कुछ सीख इससे। तब ब्रजेश ने मुझे देखा और फिर वो भी उसकी चूत के करीब आ गया। अब उसकी चूत पर मेरा क़ब्ज़ा था, तो तब उसने स्वाती को करवट दिलवा दी और उसकी गांड के छेद पर अपना मुँह लगा दिया।

अब स्वाती पागल हो गई थी और बडबड़ाती जा रही थी। मेरे दोनों छेदो को खूब चाटो, प्लीज इसे थूक से भर दो, मेरी गांड में सुरसुरी हो रही है। तो तब मेरी इच्छा हुई कि में उसकी गांड का ओरल कैसे हो रहा है देखूं तो? तो तब मैंने देखा कि ब्रजेश ने अपने दोनों हाथों से उसकी गांड को फैला दिया था और उसके गुलाबी छेद में अपनी जीभ की नोक से कुरेद रहा था, उसके बाल पूरी तरह से साफ थे। अब मुझे भी जोश आ गया था और फिर में स्वाती की गुदगुदी गांड पर अपने दाँत गढ़ाने लगा। तब वो चिल्लाई हरामजादे क्या कुत्ते की तरह काट रहा है? तो तब ब्रजेश बोला कि मादरचोद बहुत बोल रही है, इसके मुँह में अपना लंड दे दे, साली कुत्तियाँ तभी चुप होगी। तब में उठा और अपना 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटे लंड को उसके मुँह में डालने लगा। तब स्वाती मस्त हो गई और ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड चूसने लगी थी। अब ब्रजेश उसकी चूत चाटने में लग गया था।

फिर 5 मिनट के बाद स्वाती अपने मुँह से मेरा लंड निकालकर बोली कि प्लीज मुझे अब मत चाटो, दो- दो लंड में से कोई एक तो मेरी चूत में डालो। फिर ब्रजेश जैसे ही हटा तो तब वो घोड़ी कि पोजिशन में हो गई। फिर मैंने ब्रजेश से कहा कि पहले वो चोदे। तो तब ब्रजेश बोला कि डियर में इतनी दूर से अपनी बीवी तुमसे चुदवाने के लिए लाया हूँ, में तो इस रंडी को रोज ही चोदता हूँ, आज तुम चोदो, तुम्हारा लंड जाता हुआ देखकर मुझे ज्यादा मज़ा आएगा। अब स्वाती डॉगी स्टाइल में थी। फिर में उसके पीछे आया, तो तब ब्रजेश ने मेरा लंड पकड़कर उसकी चूत पर लगाया, तो एक झटके में ही मेरा लंड अंदर चला गया था। अब स्वाती की पूरी चूत मेरे और ब्रजेश के थूक से भरी थी और ऊपर से स्वाती का रस भी निकला हुआ था। अब मेरा लंड सटासट अंदर बाहर होने लगा था। फिर ब्रजेश आगे आया और फिर उसने अपना लंड स्वाती के मुँह में डाल दिया। तब मैंने स्वाती के बाल पकड़ लिए और उन्हें अपनी मुट्ठी में भरकर जोर-जोर से धक्के लगाने लगा था।

अब मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे में घुड़सवारी कर रहा हूँ। फिर में जैसे ही धक्का लगाता तो तब ब्रजेश का पूरा लंड स्वाती के हलक में चला जाता था। अब ब्रजेश को कुछ नहीं करना पड़ रहा था। अब मेरे हर धक्के में उसे बहुत मज़ा आ रहा था। तो तभी वो बोला कि डियर और चोद साली इस रांड को, ज़ोर से धक्के मार, साली को कुत्तियाँ बनाकर रगड़, में इस साली को आज पक्की रंडी बनाना चाहता हूँ। अब में लगातार धक्के मार रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद ब्रजेश मुझसे बोला कि डियर तुमने मेरी बीवी को बहुत चोद लिया, प्लीज अब मुझे इसकी चूत में अपना लंड डालने दो। तब मुझे बड़ा अच्छा लगा कि बीवी ब्रजेश की है और वो मुझ से इजाजत माँग रहा है और फिर में वहाँ से हट गया। फिर ब्रजेश नीचे लेट गया और स्वाती को अपने ऊपर बैठा लिया। अब स्वाती उसके लंड पर ज़ोर-ज़ोर से उचकने लगी थी। अब ब्रजेश भी नीचे से धक्के लगा रहा था। फिर में बेड पर खड़ा हुआ और अपने लंड को स्वाती के मुँह में पेलने लगा। तब ब्रजेश ने मुझसे पूछा कि डियर मज़ा आ रहा है कि नहीं?

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फिर मैंने कहा कि मुँह से ज़्यादा चूत के छेद में ज्यादा मज़ा आ रहा था। तो तब वो बोला कि कोई बात नहीं, साली के पास दूसरा छेद भी है। तब उसने उसकी गांड को अपने दोनों हाथों से फैलाकर कहा कि इस छेद में मैंने भी कभी अपना लंड नहीं डाला है, आज तू अपना लंड इसकी गांड में डाल दे, साली को जब रंडी ही बनाना है तो पूरी तरह से बनाते है। अब स्वाती डर गई थी और फिर वो बोली कि प्लीज मेरी गांड मत मारना, मुझे बहुत दर्द होगा, में रातभर तुम जैसे कहोगे चुदवाऊंगी, लेकिन मेरी गांड मत मारो। अब में तो उसकी गांड देखकर पहले ही पागल हो चुका था और अब अपने आपको रोकना मुश्किल था। तब मैंने उससे कहा कि अगर दर्द होगा तो में अपना लंड हटा लूँगा। फिर मैंने उसको समझाया, तो तब वो मान गई और बोली कि बस एक पैग वोड्का और दे दो, नशे में दर्द कम होगा, लेकिन फिर भी तुम धीरे-धीरे मेरी गांड में अपना लंड डालना। तब मैंने उसे एक पैग बनाकर दिया। अब वो ब्रजेश के लंड पर बैठी बैठी झट से दारू का गिलास एक बार में खाली कर गई थी।

अब जब स्वाती दारू पी रही थी, तो तब मैंने पास से क्रीम उठाकर ढेर सारी अपने लंड पर लगा ली थी। तब ब्रजेश स्वाती की गांड को फिर से फैलाकर बोला कि ऐसा भड़वा पति कहीं नहीं मिलेगा, जो अपनी वाईफ की चूत के साथ गांड भी किसी और से मरवा रहा है, डाल साली की गांड में। फिर मैंने अपना लंड स्वाती की गांड के छेद पर लगाया और साथ ही वहाँ पर थूक भी दिया। फिर पहले ही झटके में मेरा सूपाड़ा अंदर चला गया। तब स्वाती बोली कि प्लीज रुक जाओं बहुत दर्द हो रहा है। तब में रुक गया, लेकिन ब्रजेश को तो दारू चढ़ चुकी थी। अब उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। अब वो तो बस अपनी बीवी की गांड मरवाना चाहता था। फिर उसने नीचे से ज़ोर से झटका दिया, तो तब मेरा आधा लंड स्वाती की गांड में घुस गया।

फिर स्वाती दर्द से चिल्लाने लगी, प्लीज मुझे छोड़ दो, में मर जाउंगी। तब मैंने उससे कहा कि चिन्ता मत करो, में अपना लंड और नहीं डालूँगा, बस तुम मेरा साथ दो, वैसे भी में और ज़्यादा उसकी गांड में अपना लंड नहीं डाल सकता था, क्योंकि उसकी चूत में पहले से ही लंड था, जिससे उसकी गांड का छेद भी टाईट हो गया था। अब में धक्के लगा रहा था और नीचे से ब्रजेश उसकी चूत को पेल रहा था। अब हम दोनों के धक्के एक साथ पड़ने लगे थे। अब स्वाती मस्त हुई जा रही थी। अब उसकी चूत में पूरा लंड था तो गांड में आधा लंड था। तभी वो ज़ोर से बोली कि ब्रजेश आई लव यू, यू आर द बेस्ट हसबैंड इन दिस वर्ड, ओह, आह, उ गिव मी, आ क्या लंड ढूँढा है मेरे लिए? आज तुमने एक साथ दो लंड लेने की मेरी तमन्ना पूरी कर दी और ज़ोर से चोदो, मेरी चूत और गांड दोनों छेदों को फाड़ दो। फिर 10 मिनट तक में और ब्रजेश स्वाती को रगड़ते रहे।

अब स्वाती थक चुकी थी और फिर वो बोली कि प्लीज अब मुझे और मत चोदो, मेरी चूत और गांड छिल गई है, में थक गई हूँ, अब मुझे बहुत दर्द हो रहा है, मेरे मुँह में दे दो में चूस-चूसकर तुम दोनों का रस निकाल दूँगी और कहोंगे तो स्पर्म भी पी लूँगी बस मेरे दोनों छेदों में से अपना लंड निकाल लो। तब ब्रजेश बोला कि भाई यह रंडी तो थक गई, तू क्या बोलता है? जैसा तू कहेगा वही होगा, यह रंडी है और तू इसका कस्टमर। तो तब मैंने कहा कि इसके मुँह में देते है और फिर हम दोनों ने अपना-अपना लंड बाहर निकाल लिया। अब स्वाती नीचे बैठ गई थी। अब वो बारी-बारी से हम दोनों के लंड चूसने लगी थी।

अब जब वो ब्रजेश का लंड चूसती, तो तब मेरे लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर हिलाती। फिर जल्द ही मेरा लंड उसके मुँह में झड़ गया और फिर मैंने अपना पूरा स्पर्म उसके मुँह में ही डाल दिया। अब वो रंडी की तरह उसको पी भी गई थी। अब मेरा लंड अभी तक उसके मुँह में ही था की ब्रजेश ने उसके चेहरे पर अपने लंड से पिचकारी छोड़ दी। फिर उसके बाद हम बाथ लेने चले गये। फिर हम तीनों ने एक साथ डिनर लिया और 2 बार फिर से चुदाई का खेल खेला। फिर स्वाती ने नंगी होकर डांस भी दिखाया और खूब चूत और गांड मरवाई। फिर सुबह वो दोनों शिमला के लिए वापस निकल गये। अब लगभग हर 2 महीने में हम मिलते है और सेक्स का मजा करते है ।।

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