सफर मे मिला गया चुत का हमसफर

हाय फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी? मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | मेरा नाम प्रतयुषा है और मैं कोलकाता की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 23 साल है और मैं अभी मुंबई में रहती हूँ | फ्रेंड्स मैं दिखने में गोरी हूँ और सेक्सी भी | मेरे फ्रेंड्स कहते हैं कि तू सेक्सी है पर साथ में तू बहुत शर्मीली है | हाँ फ्रेंड्स मैं बहुत शर्मीली हूँ लेकिन जब कभी मस्ती करने में आती हूँ तो बस फिर रुकने का तो मैं नाम तक नहीं लेती | मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है | फ्रेंड्स मैंने साइंस लिया था और इंजीनियरिंग के दौरान मेरा कैंपस में सिलेक्शन हो गया था |

मुझे पुणे की एक कंपनी में ट्रेनिंग करनी थी और उसके बाद मुझे वहीँ जॉब करना था | मेरे घर वालो ने पहले तो मुझे मना किया लेकिन मैं बहुत मह्हत्व्कांशी हूँ जिस वजह से मेरे घर वाले मान गए | मेरे घर में मम्मी–पापाम और दो भाई हैं| मेरे घर में मैं सबसे छोटी हूँ और सबकी लाडली भी | इस वजह से मेरे घर वालो की नजर हरदम मुझपे रहती है कि कहीं मैं बिगड़ ना जाऊ | खैर अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नहीं लूंगी और अपनी कहानी शुरू करती हूँ | ये घटना तब की है जब मुझे पुणे के लिए निकलना था |

मेरे घरवाले बिजी होने की वजह से उन्होने मुझसे अकेले जाने को कहा | हालांकि मैं कई बार अकेले सफ़र कर चुकी हूँ तो मुझे कोई दिक्कत नहीं होनी थी | मेरे दोनों भाई मुझे स्टेशन तक छोड़ने आये थे और फिर ट्रेन आने तक वो मेरे साथ ही रहे | फिर मेरा सारा सामान ट्रेन में जमा के वो चले गए | ट्रेन में मेरा AC1 कोच में था | ट्रेन भी चलने लगी | तभी एक हेंडसम सा नौजवान आया और उसकी सीट भी मेरे सामने वाले में ही थी | वो दिखने में बहुत ही हेंडसम था और उसकी कदकाठी बहुत सेक्सी थी | मन तो कर रहा था कि उसे चुदाई का खुला आमंत्रण दे दूं | पर मैंने अपने आप में काबू रखते हुए शांत ही बैठी रही | वैसे दोस्तों मैं शर्मीली और सेक्सी होने के साथ साथ मनचली भी हूँ | घरवालो के चलते मैंने सेक्स तो कभी नहीं किया लेकिन मैंने कई आर ब्लू फिल्म देखते हुए हस्तमैथून का सहारा लिया है | मैं बोर हो रही थी तो मैंने अपना आई-पोड निकाला और उसमे गाने सुनने लगी |

मुझे ट्रेन में दो तीन घंटे हो चुके थे और गाने सुन सुन कर भी मेरा दिमाग चकराने लगा था | मैंने सोचा कि थोड़ी देर सो लिया जाए उसके बाद खाना खाऊँगी | सोने से पहले मैंने उस लड़के की तरफ देखा तो वो भी अपने फ़ोन में किसी से बात कर रहा था | थोड़ी देर बाद मेरी आँख लग लग गई | जब बीच में हलकी सी नींद खुली तो मैंने देखा की वो लड़का मेरी तरफ देख कर अपने लंड को बाहर निकाल कर मुट्ठ मार रहा था | मैं उसके लंड को देख कर एक दम दंग रह गई | उसका लंड किसी सरिया जितना लम्बा और मोटा मालूम पद रहा था |मैं भी अन्दर से गीली हो चुकी थी | जब मेरा हाँथ मेरी पेंटी में गया था तब महसूस हुआ कि मेरी पेंटी उसको लंड पसंद आ गया है जिस वजह से वो गीली हो गई | मैं उसके लंड को लगातार देख ही रही थी | तभी उसने अपना ढेर सारा माल निकाल दिया | हाय इतना सारा वीर्य देख कर तो मन में आया कि काश मैं इसे चाट कर साफ़ करती पर साले कुत्ते ने सारा माल बर्बाद कर दिया |

अब मुझमें भी आग लग चुकी थी जिसे मिटाना अब जरुरी सा लगने लगा था | मैं उठी और उसके बाद अपनी एक स्लीवलेस टॉप और शोर्ट निकाल कर टॉयलेट चली गई | गर्मी का समय था तो मैं ज्यादा देर तक जीन्स नहीं पहना जा सकता | आप लोग तो समझ ही गए होगे | टॉयलेट से वापस आ कर मैंने सोचा कि क्यूँ न इसे अपनी जवानी का रंग दिखा कर तड़पाया जाए | मैंने अपना नीचे से बैग निकाला और अपनी गांड उसकी तरफ करते हुए सामान रखने लगी और अपना टिफिन निकाला | जब मैंने पलट कर देखा तो उसकी नजर मेरी उभरे हुए चूतड़ पर ही थी | फिर मैंने अपना खाना खाने लगी | जब मैं खाना खा रही थी तो बीच बीच में मेरी नजर उस पर भी जा रही थी जो कि मेरे दूध की ओर देख रहा था |

हाय फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी ? मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | मेरा नाम प्रतयुषा है और मैं कोलकाता की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 22 साल है और मैं अभी मुंबई में रहती हूँ | फ्रेंड्स मैं दिखने में गोरी हूँ और सेक्सी भी | मेरे फ्रेंड्स कहते हैं कि तू सेक्सी है पर साथ में तू बहुत शर्मीली है | हाँ फ्रेंड्स मैं बहुत शर्मीली हूँ लेकिन जब कभी मस्ती करने में आती हूँ तो बस फिर रुकने का तो मैं नाम तक नहीं लेती | मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है | फ्रेंड्स मैंने साइंस लिया था और इंजीनियरिंग के दौरान मेरा कैंपस में सिलेक्शन हो गया था | मुझे पुणे की एक कंपनी में ट्रेनिंग करनी थी और उसके बाद मुझे वहीँ जॉब करना था |

मेरे घर वालो ने पहले तो मुझे मना किया लेकिन मैं बहुत मह्हत्व्कांशी हूँ जिस वजह से मेरे घर वाले मान गए | मेरे घर में मम्मी–पापा और दो भाई हैं | मेरे घर में मैं सबसे छोटी हूँ और सबकी लाडली भी | इस वजह से मेरे घर वालो की नजर हरदम मुझपे रहती है कि कहीं मैं बिगड़ ना जाऊ | खैर अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नहीं लूंगी और अपनी कहानी शुरू करती हूँ | ये घटना तब की है जब मुझे पुणे के लिए निकलना था |

मेरे घरवाले बिजी होने की वजह से उन्होहने मुझसे अकेले जाने को कहा | हालांकि मैं कई बार अकेले सफ़र कर चुकी हूँ तो मुझे कोई दिक्कत नहीं होनी थी | मेरे दोनों भाई मुझे स्टेशन तक छोड़ने आये थे और फिर ट्रेन आने तक वो मेरे साथ ही रहे | फिर मेरा सारा सामान ट्रेन में जमा के वो चले गए | ट्रेन में मेरा AC1 कोच में था | ट्रेन भी चलने लगी | तभी एक हेंडसम सा नौजवान आया और उसकी सीट भी मेरे सामने वाले में ही थी | वो दिखने में बहुत ही हेंडसम था और उसकी कदकाठी बहुत सेक्सी थी | मन तो कर रहा था कि उसे चुदाई का खुला आमंत्रण दे दूं | पर मैंने अपने आप में काबू रखते हुए शांत ही बैठी रही | वैसे दोस्तों मैं शर्मीली और सेक्सी होने के साथ साथ मनचली भी हूँ | घरवालो के चलते मैंने सेक्स तो कभी नहीं किया लेकिन मैंने कई आर ब्लू फिल्म देखते हुए हस्तमैथून का सहारा लिया है | मैं बोर हो रही थी तो मैंने अपना आई-पोड निकाला और उसमे गाने सुनने लगी |

मुझे ट्रेन में दो तीन घंटे हो चुके थे और गाने सुन सुन कर भी मेरा दिमाग चकराने लगा था | मैंने सोचा कि थोड़ी देर सो लिया जाए उसके बाद खाना खाऊँगी | सोने से पहले मैंने उस लड़के की तरफ देखा तो वो भी अपने फ़ोन में किसी से बात कर रहा था | थोड़ी देर बाद मेरी आँख लग लग गई | जब बीच में हलकी सी नींद खुली तो मैंने देखा की वो लड़का मेरी तरफ देख कर अपने लंड को बाहर निकाल कर मुट्ठ मार रहा था | मैं उसके लंड को देख कर एक दम दंग रह गई | उसका लंड किसी सरिया जितना लम्बा और मोटा मालूम पद रहा था |मैं भी अन्दर से गीली हो चुकी थी | जब मेरा हाँथ मेरी पेंटी में गया था तब महसूस हुआ कि मेरी पेंटी उसको लंड पसंद आ गया है जिस वजह से वो गीली हो गई | मैं उसके लंड को लगातार देख ही रही थी | तभी उसने अपना ढेर सारा माल निकाल दिया |हाय इतना सारा वीर्य देख कर तो मन में आया कि काश मैं इसे चाट कर साफ़ करती पर साले कुत्ते ने सारा माल बर्बाद कर दिया |

अब मुझमें भी आग लग चुकी थी जिसे मिटाना अब जरुरी सा लगने लगा था | मैं उठी और उसके बाद अपनी एक स्लीवलेस टॉप और शोर्ट निकाल कर टॉयलेट चली गई | गर्मी का समय था तो मैं ज्यादा देर तक जीन्स नहीं पहना जा सकता | आप लोग तो समझ ही गए होगे | टॉयलेट से वापस आ कर मैंने सोचा कि क्यूँ न इसे अपनी जवानी का रंग दिखा कर तड़पाया जाए | मैंने अपना नीचे से बैग निकाला और अपनी गांड उसकी तरफ करते हुए सामान रखने लगी और अपना टिफिन निकाला | जब मैंने पलट कर देखा तो उसकी नजर मेरी उभरे हुए चूतड़ पर ही थी | फिर मैंने अपना खाना खाने लगी | जब मैं खाना खा रही थी तो बीच बीच में मेरी नजर उस पर भी जा रही थी जो कि मेरे दूध की ओर देख रहा था |

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