खेल खेल में असली वाला खेल खेल दिया

हैल्लो दोस्तों मैं हूँ संजीव तिवारी और मैं लोनावला का रहने वाला हूँ l मैं फुटबॉल खेलता हूँ और उसी मैं अपना कैरियर बनना चाहता हूँ l मैं जब स्कूल में था तब मैं कई बार अपने स्कूल से फुटबॉल टीम में सेलेक्ट होकर बाहर खेलने गया हूँ l जो कहानी आज मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो एकदम सच्ची घटना है जो मेरे साथ हुई थी l चलिए अब मैं आपको सभी दोस्तों को अपनी सैक्सी कहानी बताता हूँ l

ये बात तीन साल पहले कि है जब मैं 11वीं क्लास में था और फुटबॉल खेलने में अच्छा था l मैंने स्कूल में फुटबॉल के लिए अपना ट्रायल दिया और सेलेक्ट हो गया l हमारे लोनावला में ही कुछ मैच हुए हम जीत गए और अब हमारा मैच हैदराबाद में था और हम हैदराबाद चले गए l हम सभी हैदराबाद पहुंचे और जहाँ मैच होना था वहां चले गए l हमारा मैच दो दिन बाद था और हम सभी उसी स्कूल में रुके थे l हम साथ में और भी बच्चे उस स्कूल में आये हुए थे और वो भी वहीँ रुके थे l

फिर मैंने रात का खाना खाया और जाके सो गया l मैं अगले दिन सुबह पांच बजे उठकर दौड़ने के लिए वहां के ग्राउंड में चला गया और दौड़ने लगा l वहां पर और भी बच्चे थे और वो अपनी प्रैक्टिस कर रहे थे l वहां पर एक लड़की भी थी जो अपनी रनिंग प्रैक्टिस कर रही थी l जब मैं ग्राउंड में दौड़ रहा था तो वो एक जगह पर बैठी थी और मुझे देख रही थी l मैंने कई बार उसको मुझे देखते हुए देखा लेकिन कुछ कहा नहीं l फिर वो दौड़ते हुए मेरे साथ दौड़ने लगी और उसने कहा तुम ठीक से नहीं दौड़ रहे हो l तो मैं रुक और वो भी फिर मैंने उससे पूछा क्यों क्या प्रॉब्लम है ? तो उसने मुझे दौड़ने के कुछ तरीके बताये और मैं उस तरह से दौड़ने लगा और मुझे बहुत फर्क समझ में आये l

फिर मैं अपनी प्रतिके खत्म की और जाके उसके साथ बैठ गया l उसने कहा तुम फुटबॉल के लिए आये हो ? तो मैंने कहा हाँ l उसने मुझसे कहा हाय आई एम कांची और तुम ? तो मैंने कहा संजीव l उसने मुझसे पूछा तुम्हारे जैसे क्यूट लड़के भी फुटबॉल खेलते है क्या ? तो मैंने कहा हाँ लेकिन तुमने ऐसा क्यों पूछा ? तो उसने कहा कभी देखा नहीं ना l वो बहुत जल्दी मेरी दोस्त बन गई और शाम को हम दोनों साथ बैठ के खाना खा रहे थे l फिर रात को मैं स्कूल में अकेला घूम रहा था तभी उसने मुझे पीछे से आवाज़ लगाई और हम दोनों साथ में घूमने लगे l

उसने मुझसे पूछा तुम्हारा मैच कब है ? तो मैंने कहा परसों है l उसने कहा अच्छा जैसा मैंने बताया है वैसे ही दौड़ना ज्यादा अच्छे से दौड़ पाओगे l और फिर ऐसी ही बकवास बातें करते करते हम दोनों घूमते रहे और थोड़ी देर बाद जाके अपने अपने कमरे में सो गए l अगले दिन मैं सुबह ग्राउंड में दौड़ रहा था तभी वो भी आके मेरे साथ दौड़ने लगी l फिर हम दोनों स्ट्रेचिंग कर रहे थे तो उसके बहाने वो मुझे यहां वहां छू रही थी और मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था l फिर उसने स्ट्रेचिंग करना शुरू की तो मैं भी उसको यहाँ वहां हाँथ लगा रहा था लेकिन वो मना करने के बजाये स्माइल दे रही थी l

मैं समझ रहा था कि ये फसना चाहती है और मैं तो पहले से ही रेडी थी l तो मैंने मामला आगे ले जाने की सोची l फिर शाम को हम दोनों ग्राउंड में अकेले एक कोने में बैठे थे तभी मैंने उसके हाँथ पर अपना हाँथ रख दिया और एक दुसरे की आँखों में देखने लगे l वो धीरे धीरे मेरे पास आने लगा तो मैंने एकदूँ से उसको किस कर दिया l वो मुस्कुराने लगी और उसने कहा पहले तुम बोलो तो मैंने कहा नहीं पहले तुम बोलो l तो उसने कहा ठीक है आई लव यू l

फिर अगले दिन मेरा मैच था और किस्मत से हम जीत गए और उसने भी रनिंग में बाज़ी मार ली l अब अगले दिन हमें निकलना था और हमारे पास आज रात का ही समय था l वो राजकोट की रहने वाली थी और मैं उसे चोदने लोनावला से राजकोट तो नहीं जाता l इसलिए मैं अब उसे चोदने के लिए जगह ढूंढ रहा था l लेकिन मुझे कोई मुक्कमल जगह नहीं मिल रही थी l फिर मैंने सोचा चुदाई तो चुदाई होती है और कहीं भी की जा सकती है l इसलिए अब मैंने अपने दोस्तों का सहारा लिया l

फिर मैंने कांची को फ़ोन लगाया और मिलने के लिए बुलाया l रात के करीब 11:30 बज रहे थे और लगभग सभी सो चुके थे और मैंने फिर से कांची को फ़ोन लगाया और कहा आ जाओ l तो वो चुपके से अपने कमरे से बाहर निकली और मुझसे मिलने आ गई l मुझे लगा कि मुझे उसे चुदाई के लिए मानना पड़ेगा लेकिन जैसे ही वो आई उसने कहा मुझे पता है तुमने क्यों बुलाया है लेकिन करेंगे कहाँ ? तो मेरा मुंह फटा रह गया और मैंने उससे कहा सब हो गया है तुम बस हाँ करो l तो उसने कहा ठीक है लेकिन जल्दी करना l

मैंने अपने दोस्तों से कहा पीछे पीछे आओ और जहाँ बोलूं वहां खड़े रहना और किसी को भी आने मत देना l वहां पर एक बिल्डिंग थी जहाँ कोई ज्यादा आता जाता नहीं था हमारे कमरे उस जगह से दूर थे तो आवाज़ का भी कोई खतरा भी नहीं था l फिर मैं उस जगह ओअर उसको लेकर गया और बाहर अपने दोस्तों को रुकने को कहा l मैं अन्दर गया देखा अन्दर खाना बनाने का सामान और कुछ गद्दे रखे थे l मुझे लगा ये तो सोने पे सुहागा हो गया मैंने सोचा था खड़े खड़े चुदाई करनी पड़ेगी लेकिन यहाँ तो पूरी इंतजाम है l

फिर मैंने उससे कहा क्या तुम तैयार हो ? तो उसने कहा हाँ लेकिन एक वादा करो इसके बाद भी मुझसे मिलते रहोगे और मुझसे बात करना बंद नहीं करोगे ? तो मैंने कहा ये भी कोई बोलने वाली बात है और धीरे धीर अपना मुंह उसके पास ले जाने लगा l फिर वो भी अपना मुंह मेरे पास लाने लगी और हमने अपने होंठों को मिला दिया और किस करने लगे l हम दोनों एक दुसरे को किस करे जा रहे थे और मैं उसकी गांड को पकड़ के ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था l

तभी उसने मेरी टी-शर्ट के अन्दर हाँथ डाल दिया और मेरे सीने पे हाँथ रगड़ने लगी l फिर मैंने उसका टॉप थोडा सा ऊपर किया और उसने अपने हाँथ ऊपर कर दिए और मैंने उसका टॉप उतार दिया l उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी क्योंकि उसके दूध ज्यादा बड़े नहीं थे लेकिन जैसे भी थे मैं उनको दबाने लगा l फिर मैंने दबाते दबाते उसको दूध को चुसना शुरू कर दिया और वो इस्स्स्सस इस्स्स्सस करने लगी l मेरा लंड अब कड़ा होता जा रहा था और बाहर आने को मचल रहा था l

तभी वो नीचे झुकी और मेरे पजामे को नीचे करके मेरा लंड पकड़ कर हिलाने लगी l हिलाते हिलाते वो मेरे लंड को चाट रही थी l तो मैंने उससे कहा अरे चुसो इसको तो उसने मेरा लंड अपने मुंह में डाल लिया और चूसने लगी l मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और थोड़ी देर में मेरा मुट्ठ निकल गया और उसके मुंह में गिर गया l उसने कहा ठीक है हो गया अब चलें तो मैंने उसको पकड़ा और कहा अभी कहाँ और उसकी लैगी और पैंटी उतार दी l उसकी चूत बिलकुल चिकनी थी और ऐसा लग रहा था जैसे पहले भी चुद चुकी है l

लेकिन मुझे क्या मैंने उसको गद्दे पे लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा l मैंने थोड़ी देर तक उसकी चूत चाटी और फिर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया l अब मैंने उसके पैर अपने कंधे पर रखे और उसकी चूत पर अपना लंड रख कर एक ज़ोर का झटका मारा l मेरा लंड अन्दर घुस गया और उसकी आह्ह्ह्ह निकल गई l फिर मैंने उसको चोदना शुरू किया और वो आह्ह्हह्ह ऊउह्ह्ह्ह इस्सस्सस्सस आअह्ह्ह्ह करे जा रही थी l फिर मैंने उसको एक तरफ घुमाया और उसका एक पैर उठा कर उसकी चूत में लंड डाल कर उसे चोदने लगा l वो अब ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह करने लगी l दोस्तों आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मुझे उसे चोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था और मैं लगातार ज़ोर ज़ोर के झटके मारे जा रहा था l फिर मैंने उसको घुमा के बैठा दिया और पीछे से उसकी चूत में लंड डाल के उसे चोदने लगा l मैंने उसको ऐसा 10 मिनिट तक चोदा और फिर मेरा मुट्ठ निकला और मैंने सारा मुट्ठ उसके मुंह में झड़ा दिया l फिर हम दोनों गद्दे पे लेटे थे तभी मेरे दोस्त का फ़ोन आया जल्दी कर कोई आ रहा है तो हमने जल्दी से कपडे पहने और वहां से भाग गए l मेरी अभी भी उससे बात होती है लेकिन मैं उसे चोदने राजकोट नहीं जा पता लेकिन वो एक बार लोनावला आई थी और हमने जमके चुदाई की थी l

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